प्रदेश में 16वीं राजस्थान विधानसभा का पंचम सत्र शुरू होने के साथ ही सरकारी मशीनरी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। स्कूल शिक्षा और संस्कृत शिक्षा विभाग ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने गुरुवार को इस संबंध में सख्त […]
प्रदेश में 16वीं राजस्थान विधानसभा का पंचम सत्र शुरू होने के साथ ही सरकारी मशीनरी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। स्कूल शिक्षा और संस्कृत शिक्षा विभाग ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने गुरुवार को इस संबंध में सख्त आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत विधानसभा सत्र के दौरान किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अब आसानी से छुट्टी नहीं मिलेगी। सबसे अहम बात यह है कि यदि किसी कार्मिक ने पूर्व में कोई अवकाश स्वीकृत करवा रखा है, तो वह भी अब स्वतः ही निरस्त माना जाएगा। यानी, जो कर्मचारी छुट्टी पर जाने की तैयारी कर रहे थे, उन्हें अब अपनी ड्यूटी पर लौटना होगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सत्र के दौरान शासन सचिव की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। हालांकि, मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए विशिष्ट परिस्थितियों में छूट का प्रावधान रखा गया है। इसके लिए कार्मिक को छुट्टी का पूरा औचित्य बताते हुए आवेदन करना होगा। इसे सक्षम स्तर से मंजूरी मिलने के बाद ही स्वीकृत माना जाएगा।
विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों की ओर से पूछे जाने वाले प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों और अन्य संसदीय कार्यों के जवाब समय सीमा में तैयार करने होते हैं। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न हो, इसलिए विभाग के समस्त शासकीय एवं अधीनस्थ कार्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की गई है।