भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की द्वितीय शाखा ने सोमवार दोपहर जिले के कोटड़ी थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक मथुरासिंह मीणा (एएसआई) को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। यह राशि थाने में दर्ज मुकदमे में एफआर लगाने की एवज में एक व्यक्ति से मांगी गई थी।
भीलवाड़ा. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की द्वितीय शाखा ने सोमवार दोपहर जिले के कोटड़ी थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक मथुरासिंह मीणा (एएसआई) को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। यह राशि थाने में दर्ज मुकदमे में एफआर लगाने की एवज में एक व्यक्ति से मांगी गई थी।
कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया।
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बृजराजसिंह को २६ दिसम्बर को कोटड़ी तहसील के गोठड़ा (कोटड़ी) निवासी सुखदेव जाट ने शिकायत दी। परिवादी ने बताया कि उसके खिलाफ कोटड़ी थाने में एक मामला दर्ज हुआ था। इसकी जांच कोटड़ी थाने में तैनात एएसआई लुहारीकलां (हनुमाननगर) निवासी मथुरासिंह के पास थी। मामले से परिवादी को निकालते हुए उसमें एफआर (अंतिम रिपोर्ट) लगाने की एवज में पांच हजार रुपए मांगे। २७ दिसम्बर को एसीबी ने शिकायत की सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत सहीं पाई गई। एएसआई को टे्रप करने के लिए जाल बिछाया। निरीक्षक शिवप्रकाश टेलर की अगुवाई में टीम में शामिल हैड कांस्टेबल प्रहलाद पारीक, गोपाल जोशी, विनोद कुमार तथा प्रेमकुमार थाने पहुंचे और एएसआई को रिश्वत लेते पकड़ लिया।