भीलवाड़ा

5 दिन में ही बोले- झाड़ू-पोछा नहीं लगाएंगे: भीलवाड़ा MGH में B.Tech-B.Ed डिग्रीधारी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नखरे

भीलवाड़ा के एमजीएच अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी पद पर भर्ती 42 नव-नियुक्त कर्मचारियों ने सफाई का काम करने से इनकार कर दिया है। बीटेक और बीएड जैसी उच्च डिग्रीधारी कर्मचारी जॉब चार्ट के तहत झाड़ू-पोछा लगाने और मरीज उठाने को तैयार नहीं हैं।
2 min read
Aug 27, 2026
bhilwara mgh hospital
अस्पताल में झाड़ू-पोछा लगाने से खड़े हुए हाथ (फोटो- एआई)

-लोकेश सोनी

Bhilwara MGH Hospital: भीलवाड़ा के राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय में हाल ही हुई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के बाद अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है। अस्पताल में सफाई और व्यवस्था संभालने के लिए भर्ती किए उच्च शिक्षित युवा अब अपने पद के अनुरूप काम करने से कतरा रहे हैं।

आलम यह है कि ज्वॉइनिंग के पांच दिन बीतने के बाद भी कर्मचारी अपने जॉब चार्ट के अनुसार झाडू-पोछा लगाने, वार्डों की साफ-सफाई करने और मरीजों व शवों को लाने-ले जाने का काम करने को तैयार नहीं हैं। इससे अस्पताल प्रशासन के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
सामने आया कि कई अभ्यर्थियों के लिए यह नौकरी महज एक स्टॉप-गैप व्यवस्था है। इनमें से अधिकांश युवाओं ने दिल्ली पुलिस, शिक्षक भर्ती समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं दे रखी हैं। ज्वॉइनिंग के कुछ ही दिनों बाद इनमें से कुछ कर्मचारियों ने अन्य भर्तियों के लिए दस्तावेज भी मांगने शुरू कर दिए।

जब तक बेहतर अवसर नहीं मिलता, तब तक वे इस पद पर बने रहना चाहते हैं, लेकिन मूल काम करने से बच रहे हैं। उधर, अस्पताल में भर्ती चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए स्पष्ट नियम और दायित्व तय है। नियमों के तहत चयनित होने के बाद तय काम से पीछे हटने पर अस्पताल प्रबंधन समझाइश कर रहा है, ताकि मरीजों और अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो।

64 की भर्ती, 42 ने संभाला पदभार

अस्पताल को कुल 64 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मिले हैं। इनमें से अब तक 42 अभ्यर्थियों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया। भर्ती में चयनित अधिकांश युवा ओवर क्वॉलिफाइड हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, इनमें 3 बीटेक डिग्रीधारी जबकि कई अभ्यर्थी बीएड और अन्य उच्च शैक्षणिक योग्यता वाले हैं। बेरोजगारी के दौर में सरकारी नौकरी पाने के लिए इन्होंने चतुर्थ श्रेणी पद पर आवेदन तो कर दिया, लेकिन अब अस्पताल की जमीनी व्यवस्था संभालने में इनके हाथ-पांव फूल रहे हैं।

बुनियादी व्यवस्थाएं इन्हीं कर्मचारियों के भरोसे

नियुक्ति के बाद अस्पताल प्रशासन ने जब इन नव-नियुक्त कर्मचारियों को उनके पद और जॉब चार्ट के अनुसार जिम्मेदारियां सौंपी, तो इन्होंने साफ मना कर दिया। इनका कहना है कि वे पढ़े लिखे हैं, इसलिए वे झाडू-पोछा या मरीजों को स्ट्रेचर पर लाने-ले जाने जैसा काम नहीं करेंगे। अस्पताल अफसरों के लिए यह स्थिति सिरदर्द बन गई है, क्योंकि अस्पताल की बुनियादी व्यवस्थाएं इन्हीं कर्मचारियों के भरोसे टिकी होती हैं।

Updated on:
27 Aug 2026 09:14 am
Published on:
27 Aug 2026 09:14 am
Also Read
View All
साइबर सुरक्षा का लगाए लोगो… डिजिटल जालसाजों की नई चाल: चुनावी हलचल के बीच एक छोटी सी भूल खाली कर सकती है बैंक खाता

राजस्थान निकाय चुनाव: नेताओं के दफ्तर छोड़ ज्योतिषियों के द्वार पहुंचे दावेदार

20 मिनट तक अस्पताल की दहलीज पर तड़पता रहा घायल, सायरन बजता रहा, कर्मचारी सोते रहे; भीलवाड़ा MG Hospital में बड़ी लापरवाही

भीलवाड़ा सड़क हादसा: रोडवेज बस ने ट्रक को ओवरटेक करते हुए बाइक को मारी टक्कर, रिटायर्ड शिक्षक की मौके पर मौत

फर्जी पासपोर्ट से दुबई भागा मोस्ट वांटेड इमरान, लुत्फी की पत्नी भी भारत से फरार; भीलवाड़ा पुलिस की जांच में हुआ खुलासा