बजट परिचर्चा
भीलवाड़ा।
केन्द्रीय बजट को लेकर राजस्थान पत्रिका की परिचर्चा के तहत सोमवार को विभिन्न वर्गों से चर्चा की गई। इसमें बैंक, जीएसटी, शिक्षा, रक्षा, कृषि, आयकर व कृषि में कुछ बदलाव की बात सामने आई। कुछ ने कोरोना काल में कार्य व राहत को देखते हुए इस बार सामान्य बजट आने की बात कहीं।
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बैंक फेल होने या डूबने पर खाताधारकों को नुकसान उठाना पडता है। सरकार को प्रावधान बनाना चाहिए कि बैंक के डूबने पर खाताधारक की जमा पूंजी को पूरी सुरक्षा मिल सके। इसके लिए बीमा व अन्य योजना लागू करनी चाहिए।
शिव नुवाल, अति. प्रशासनिक अधिकारी, राजकीय महाविद्यालय
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व्यक्तिगत आयकर की दर घटाई जाए। साथ ही 80 सी तथा नए गृह निर्माण में ब्याज की छूट बढ़ाई जाए। वर्तमान में 80 सी में 1.5 लाख लाख तक छूट है, उसे बढ़ाकर 2 लाख तथा ब्याज छूट 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख तक करनी चाहिए।
अनिल सिसोदिया, व्यापारी
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देश में जीएसटी दरें काफी सामान्य है लेकिन लाभ आमजन व व्यापारियों को नहीं मिल रहा। सरकार को चाहिए कि बडे उत्पादकों के साथ छोटे व्यापारियों को भी जीएसटी का लाभ मिले। टेक्सटाइल क्षेत्र में समान जीएसटी दर हो।
लोकेश अग्रवाल, व्यापारी
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जीएसटी का सरलीकरण किया जाए, ताकि हर माह रिर्टन भरने वाले व्यापारियों व प्रोफेशनल्स को राहत मिल सके। रिटर्न भरने के कारण व्यापारी इसी में उलझकर रह जाता है। 5 लाख तक की आय पर कर में शत प्रतिशत छूट दी जाए।
ललित काबरा, सीए
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कोरोना काल के बाद रसोई का बजट 25 प्रतिशत बढ़ गया। गैस, खाद्य तेल, पेट्रोल की कीमतों में लगातार वद्धि से आम जनता की कमर टूटने लगी है। केन्द्र सरकार को बजट में मंहगाई पर काबू पाने के प्रयास किए जाने चाहिए।
लीला तोषनीवाल, गृहणी
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केंद्र सरकार को बजट में शिक्षा, रक्षा एवं कृषि के क्षेत्र को ओर सुधारने के विशेष प्रयास करने की जरुरत है। कृषि प्रधान देश होने के बाद भी देश इसमें पिछड़ता जा रहा है। खेतीबाड़ी के लिए प्रोत्साहन योजनाएं लाई जानी चाहिए।
पवन काकानी, व्यवसायी
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निशक्तजन व्यक्तियों के लिए आयकर में छूट को बढ़ाई जानी चाहिए। वर्तमान में छूट 75 हजार तक है, इसे बढ़ाकर 1.5 लाख किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार को विशेष लोगों पर खास ध्यान देने की दरकार है।
ज्योति चतुर्वेदी, अजमेर विद्युत वितरण निगम
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जीएसटी की दरें एक समान नहीं होने से इसमें कर चोरी भी तेजी से बढ़ रही है। इसे रोकने के लिए कानून को सख्त करने के साथ सजा के प्रावधानों को और कड़ा किया जाना चाहिए। इससे टैक्स चोरी को रोकने में मदद मिलेगी।
दयाशंकर शुक्ला, पूर्व अध्यापक
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मध्यम वर्ग के लोगों को बजट का लाभ नहीं मिलता है। केन्द्र या राज्य बजट से हमेशा उद्योगों व बड़े उद्योगपतियों का ही लाभ मिलता है। कोरोना के कारण मध्यम वर्ग ने कई संकट झेलें हैं। उसे ध्यान में रखते हुए योजना लानी चाहिए।
महावीर समदानी, व्यापारी
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केंद्र सरकार को गृह निर्माण को बढ़ावा देने पर विचार करना चाहिए। उसके लिए योजनाएं लानी चाहिए। आवास निर्माण के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावे के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना लानी चाहिए ताकि सभी वर्गों को लाभ मिल सके।
प्रो. जगदीश प्रसाद कोगटा, पूर्व व्याख्याता
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आयकर में राहत
हाईनेट वर्थ वाले वेतनभोगियों को इन्वेस्टमेन्ट व सेविंग की कोई विशेष सुविधा नहीं है। केंंद्र सरकार कोआयकर की दरों के बारे में विचार करना चाहिए, जो अभी काफी ऊंची है। इसमें राहत मिलनी चाहिए।
देवेन्द्र सोमाणी, मंत्री, राजस्थान एकाउन्टेन्ट एसोसिएशन