- स्वास्थ्य ढांचे में ऐतिहासिक निवेश की उम्मीद - आयुष्मान विस्तार पर रह सकता है विशेष फोकस
आगामी केंद्रीय बजट 2026 को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों में सकारात्मकता देखी जा रही है। यह बजट भारत के हेल्थकेयर सिस्टम को अधिक आधुनिक, सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा। भीलवाड़ा के प्रमुख चिकित्सा विशेषज्ञों ने बजट को लेकर अपनी राय साझा की है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाला समय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 'स्वर्ण युग' हो सकता है।
बजट में सरकारी अस्पतालों के आधुनिकीकरण के लिए विशेष प्रावधान हो सकते हैं। नई जांच मशीनों और तकनीकी सुधारों से आम जनता को उच्च स्तरीय इलाज अपने ही शहर में और भी बेहतर तरीके से मिल सकेगा।
डॉ. पवन कुमार बंसल, वरिष्ठ प्रोफेसर सर्जरी, मेडिकल कॉलेज
क्रिटिकल केयर और ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाओं में निवेश हुआ तो मरीजों को और भी सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलेगा। सरकार की नीतियां निश्चित रूप से स्वास्थ्य कर्मियों और संसाधनों के बीच के तालमेल मजबूत करेंगी।
डॉ. वीरेंद्र शर्मा (विभागाध्यक्ष, निश्चेतना विभाग, एमजीएच
सरकार जिस तरह से प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर ध्यान दे रही है, वह सराहनीय है। हमें उम्मीद है कि बजट में वेलनेस सेंटर्स को और अधिक संसाधन मिलेंगे, जिससे बीमारियां होने से पहले ही उन पर काबू पाया जा सके।
डॉ. दौलत मीणा (विभागाध्यक्ष, मेडिसिन विभाग, एमजीएच
टेली-मेडिसिन और डिजिटल हेल्थ मिशन ने दूरदराज के इलाकों तक पहुंच आसान बना दी है। आगामी बजट में इन सेवाओं को और भी सरल बनाया जा सकता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्गों और मरीजों को घर बैठे विशेषज्ञ सलाह मिल सकेगी।
डॉ. फरियाद मोहम्मद (सेवानिवृत्त चिकित्सक)
सरकारी अस्पतालों में ट्रोमा केयर यूनिट, जॉइंट रिप्लेसमेंट सुविधाओं और फिजियोथेरेपी सेवाओं के विस्तार से निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यदि आधुनिक ऑर्थोपेडिक उपकरण और विशेषज्ञ स्टाफ की नियुक्ति होती है।
डॉ. महेशचंद्र बैरवा, आचार्य, अिस्थ रोग विभाग, एमजीएच
जिला अस्पतालों में मनो-रोग विभागों को सुदृढ़ करने, काउंसलिंग सेवाओं के विस्तार और मनोचिकित्सकों की नियुक्ति से आमजन को समय पर उपचार मिल सकेगा। मानसिक स्वास्थ्य पर निवेश, समाज को भीतर से मजबूत बनाएगा।
डॉ. वीरभान चंचलानी, आचार्य मनोरोग विभाग, एमजीएच