नगर परिषद का अवैध निर्माण के प्रति ढीला रवैया
भीलवाड़ा. नगर परिषद के लचर रवैये से शहर की समस्याएं बेपटरी है। अतिक्रमण हो या सफाई, अस्त व्यस्त है।परिषद समस्या समाधान के नाम पर नोटिस भेजकर खानापूर्ति कर लेती है। यहां तक कि उच्च न्यायालय के अतिक्रमण हटाने के आदेश को भी परिषद ने हल्के से लिया।
भाजपा पार्षद राजेशसिंह सिसोदिया का आरोप है कि परिषद ने अवैध निर्माण व अतिक्रमण पर कार्रवाई के लिए सिविल इंजीनियर दिनेश चंद्र मीणा को शाखा प्रभारी लगा रखा है जबकि इस पद पर आरआई व एआईआर को लगाया जाना चाहिए। परिषद के आरआई तेजभान को प्रशासन शहरो के संग अभियान के तहत जारी होने वाले पट्टे जैसी अन्य शाखा में लगा रखा है। इसके अलावा अतिक्रमण शाखा एक बाबू के भरोसे चल रही है। इधर, परिषद से 300 मीटर दूर एक कॉम्पलेक्स में स्वीकृत नक्शे के विपरित काम चल रहा है। इसे लेकर 14 अक्टूबर को नोटिस जारी किया गया लेकिन वहां निर्माण चल रहा है। भूतल का निर्माण हो भी चुका है। इसी तरह पुराने बस स्टैंड रोड पर परिषद की जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। इस वार्ड के पार्षद राजेंद्र पोरवाल इसकी लिखित शिकायत परिषद आयुक्त से कर चुका है।
25 जनों को जारी किए नोटिस
नगर परिषद ने दो दिन पहले शहर के 25 कॉम्पलेक्स मालिकों को नोटिस दिए। इसमें बेसमेंट में पार्किंग स्थल पर बनाई दुकानों को हटाने व वहां वाहन खड़े करना सुनिश्चित करने को कहा था। इससे पहले भी दस कॉम्पलेक्स मालिकों को नोटिस जारी किए गए। 5 कॉम्पलेक्स सीज किए।
पार्षद सिसोदिया का आरोप है कि उच्च न्यायालय ने 18 जुलाई 2022 को कॉम्पलेक्स के भूतल में पार्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे लेकिन परिषद केवल नोटिस जारी कर इतिश्री कर लेती है। आगे कार्रवाई नहीं करती। जिन कॉम्पलेक्स को सीज किया था। उनमें से एक कॉम्पलेक्स की पांच दुकानें अभी चल रही है।
कर रहे कार्रवाई
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार परिषद नोटिस जारी कर रही है। जो भी नियमानुसार होगा, कार्रवाई की जाएगी।
- राकेश पाठक, सभापति नगर परिषद भीलवाड़ा