सोशल मीडिया पर चलती रही दिनभर बहस
भीलवाड़ा.
लद्दाख में चीनी सेना के साथ संघर्ष के दौरान भारतीय जवानों की शहादत के बाद चीन के प्रति आम भारतीयों में गुस्सा काफी बढ़ गया है। चाइनीज सामान के बहिष्कार की मुहिम ने और जोड़ पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर इसकी खासी धमक देखने को मिल रही है। फेसबुक से लेकर ट्विटर तक पर चाइनीज चीजों के बहिष्कार की अपील और हैशटैग ट्रेंड करते रहे। सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने पोस्ट के माध्यम से चाइनीज चीजों का उपयोग नहीं करने की अपील शुरू की। लोगों ने चाइनीज मोबाइल और एप को छोडने की अपील की और चाइनीज एप की पहचान कर अपने मोबाइल से हटाते रहे।
सोशल मीडिया पर चलती रही दिनभर बहस
सोनू ने फेसबुक पर अपने चाइनीज मोबाइल की फोटो पोस्ट करते हुए कहा कि अब वे इस फोन का इस्तेमाल नहीं करेंगे और ना ही अपने परिवार में किसी को ऐसा करने देंगे। दीक्षा ने अपने पोस्ट के माध्यम से टिक-टॉक जैसे चाइनीज एप पर बैन लगाने की अपील की। ट्विटर पर हैशटेग चाइनीज प्रोडक्ट इन डस्टबिन टॉप ट्रेंडिंग रहा। इंस्टाग्राम पर भी चाइनीज सामान के बहिष्कार की अपील छायी रही।
चीनी उत्पाद के बहिष्कार अभियान
कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने देश भर के लोगों से चीनी उत्पाद के बहिष्कार अभियान में शामिल होने की मांग की है। कैट अध्यक्ष वीडियों में लोगों से अपील की है कि वे चीनी उत्पादों के विज्ञापन देना बंद करें। उन्होने कैट की ओर से चलाए गए चीनी उत्पादों के बहिष्कार आंदोलन में हर व्यक्ति को शामिल होने का न्योता दिया है।
जूम, टिक टॉक, हैलो मोबाइल से बाहर हो
कोरोना काल में अनलॉक वन आ गया, लेकिन अभी भी लॉकडाउन है। कंपनियां अपने कर्मचारियों से घर से ही काम लेने में जुटी है। ऑफिस की मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, असाइनमेंट पूरा करने, ऑनलाइन क्लास जैसे सभी काम हो रहे हैं। इसमें चीनी एप काफी मदद कर रहे थे, लेकिन शहरवासियों ने चीन को चुनौती देते हुए उसकी कंपनियों के एप डिलीट करना शुरू कर दिया है। रिमूव चाइना एप गूगल प्ले स्टोर से डाउन लोड कर आसानी से इसे अंजाम दे रहे है। जूम, टिक टॉक, कैम स्कैनर, हैलो, लाइकी जैसे एप को मोबाइल से बाहर का रास्ता दिखा रहे हैं।