गांगा का खेड़ा के निकट लगा गल्ला
माण्डल।
ग्रामीणों को सिचाई के लिए वस्त्रनगरी की जीवनदायिनी मेजा बांध की बांयी मुख्य नहर को पानी बुधवार को छोड़ दिया गया। पहले ही दिन विभाग की खस्ताहाल नहरों की पोल खुल गई। बाई तरफ की मुख्य नहर मेजा से महुआ खुर्द (बनेड़ा) तक 37 किलोमीटर की नहर में टेल तक पानी पहुंचने का विभाग दोपहर तक अनुमान लगा रहा है।
सुबह 4 बजे नहरे से छोड़ा गया पानी सांयकाल तक माण्डल से पार चला गया । दोपहर बाद गांगा का खेड़ा के निकट चेन संख्या 425 व 426 के मध्य गल्ला लग जाने से लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह गया। विभाग के जगदीश तड़बा ने सहायक अभियन्ता को इसकी जानकारी दी। जिस पर कनिष्ठ अभियन्ता ओमप्रकाश शर्मा तत्काल जेसीबी व मजदूर लेकर मौके पर पहुंचे तथा गल्ले को बंद कराया।
किसानों को मिलेगा फायदा
सिचाई के लिए खोली मेजा बांध से बाई मुख्य नहर के हेड से लूप नहर द्वारा माण्डल तालाब के दूसरे छोर पर कमला मोहरी पुन: बांयी मुख्य नहर वैन 0 (बिलो माण्डल टैंक) में जल प्रवाहित कर टेल तक पहुंचाया जाएगा। प्रथम फेज में पानी 262 वैन से टेल तक चमनपुरा, लांपिया, इन्द्रपुरा, तस्वारिया एवं सिदडिय़ास माइनर इन रिच के सभी डाइरेक्ट आउटलेटस से पानी दिया जाएगा। टेल तक पानी सुचारू रूप से चलने के लिए हेड से 280 (माण्डल तालाब के नीचे) तक सारे डाइरेक्ट, आउटलेट व माइनरें शुरू के 10 दिन बंद रहेगी। इसके बाद शेष बचे (25 दिन) हैड से टेल तक सभी माइनरों व सभी आउटडोरों से एक मुश्त पानी पिलाई होगी । जिससे लगभग 9000 एकड़ क्षेत्र में सिचाई होगी ।
21 को दांयी नहर का पानी
मेजाबाध की दायी मुख्य नहर का पानी शनिवार को छोड़ा जाएगा । जिसके लिए बुधवार को भीलवाड़ा उपखण्ड अधिकारी चिन्मयी गोपाल व माण्डल उपखण्ड अधिकारी सी.एल.शर्मा ने नहर का निरीक्षण किया । क्षतिग्रस्त स्थानों को चिन्हीत कर सहायक अभियन्ता सुभाष भट्ट को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ।