भीलवाड़ा

रंग-बिरंगी शिमला मिर्च ने बदली व्यापारी की तकदीर

—स्ट्रॉबेरी, मिर्च, टमाटर की भी ले रहे पैदावार—एक वर्ष में ही 40 लाख का मुनाफा भीलवाड़ा जिले में बीगोद के लोहा व्यापारी की तकदीर तब बदल गई, जब उन्होंने रंग-बिरंगी शिमला मिर्च और स्ट्रॉबेरी उगाई। उस्मान लोहार को इससे एक वर्ष में ही चालीस लाख रुपए का मुनाफा हुआ।  
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Updated: 20 Apr 2023, 1:10 PM IST
रंग-बिरंगी शिमला मिर्च ने बदली व्यापारी की तकदीर
रंग-बिरंगी शिमला मिर्च ने बदली व्यापारी की तकदीर

नेट हाउस से फायदा
उस्मान लोहार ने सरकारी योजना से नेट हाउस लगाया। इसमें रंग- बिरंगी शिमला मिर्च लगाई। फसल तैयार होकर अच्छा उत्पादन दे रही है। अच्छे मुनाफे से उत्साहित होकर ओपन स्ट्रॉबेरी, देसी मिर्च, टमाटर की फ सल भी लगाई। मंडियों में शिमला मिर्च की मांग अधिक होने से आय में भी बढ़ोतरी हुई। इससे पहले लगाई खीरा-ककड़ी रास नहीं आई।

रिश्तेदार से मिली प्रेरणा
उस्मान ने बताया की अपने रिश्तेदार के यहां ग्रीन हाउस में खीरा -ककड़ी की फ सल देखी। फ सल को देखकर अपने खेत पर भी फ सल लगाने का निश्चय किया। रिश्तेदार की मदद से कृषि विभाग से संपर्क किया और सरकारी सहायता से नेट हाउस लगा कर खेती शुरू की।

केंचुआ खाद बनाने की भी तैयारी
किसान ने बताया की खेती के लिए सबसे उपयोगी खाद केंचुआ खाद है। इसके लिए वे खेत पर ही एकसौ बेड बनाकर केंचुआ खाद बनाने की तैयारी कर रहे हैं। जैविक फ सल के साथ इससे कम लागत में उपज मिल सकेगी। केंचुआ खाद पोषण पदार्थों से भरपूर एक उत्तम जैव उर्वरक है। यह केंचुआ आदि कीड़ों के द्वारा वनस्पतियों एवं भोजन के कचरे आदि को विघटित करके बनाई जाती है।

फारूक लौहार — बीगोद

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