भीलवाड़ा

हैड कांस्टेबल और सिपाही के ​खिलाफ एसीबी में मामला दर्ज

- मादक तस्करी के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे थे - भनक लगने से एसीबी नहीं कर पाई ट्रेप, एसपी ने किया निलंबित - चार माह पूर्व परिवादी ने की थी शिकायत

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Jul 22, 2023
हैड कांस्टेबल और सिपाही के ​खिलाफ एसीबी में मामला दर्ज

कोतवाली के हैड कांस्टेबल शंकरलाल और सिपाही प्रदीप ओझा पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शिकंजा कसा है। दोनों के खिलाफ दस हजार रुपए की रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया है। उन पर एक व्यक्ति को मादक पदार्थ के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत की मांग करने का आरोप है। एसीबी में मुकदमा दर्ज होने से पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधू ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों को निलंबित कर दिया।


ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बृजराजसिंह ने बताया कि गत 13 अप्रेल को एक व्यक्ति ने एसीबी की प्रथम शाखा में शिकायत दी। परिवादी ने बताया कि उसे सिपाही प्रदीप 12 अप्रेल को पकड़ कर कोतवाली लाया। यहां उसे कहा गया कि गांजा तस्करी में उसे गिरफ्तार करना है। उसे डरा-धमका कर गिरफ्तार नहीं करने की एवज में दस हजार रुपए मांगे। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। एसीबी ने दोनों को ट्रेप करने का जाल बिछाया।


जबर्दस्ती से शक, रिश्तेदार से अटका ट्रेप
दस हजार के केमिकल लगे नोट देकर परिवादी को कोतवाली भेजा। कोतवाली के बाहर एसीबी ने जाल बिछाया। परिवादी शंकर के पास गया। शंकर और प्रदीप ने राशि हाथ में नहीं ली। उन्होंने किसी दलाल को रिश्वत राशि देने के लिए कहा। जिसको रिश्वत देने के लिए कहा वह परिवादी का रिश्तेदार था। परिवादी रिश्तेदार को फंसाना नहीं चाहता था। उस समय बात नहीं बनी। एक बार फिर परिवादी एसीबी के कहे अनुसार दस हजार लेकर गया। इस बार भी पुलिसकर्मियों ने रिश्वत की राशि हाथ में नहीं ली। परिवादी के जबर्दस्ती करने से दोनों पुलिसकर्मियों को शक हो गया। उन्होंने परिवादी को भगा दिया। इससे ट्रेप फेल हो गया। सत्यापन में रिश्वत की पुष्टि होने से उनके खिलाफ मामला दर्ज किया। दोनों को निलंबित कर दिया गया है।

Published on:
22 Jul 2023 11:58 am
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