
भीलवाड़ा.
नगर परिषद सभापति व आयुक्त के बीच खींचतान का खमियाजा शहरवासी भुगत रहे हैं। विवाद की वजह से बड़े टेंडर नहीं लग पा रहे हैं।
आश्चर्य की बात तो यह है कि आयुक्त पद्मसिंह नरूका ने शहर के विकास पर सभापति से एक भी बार मिलकर बात करना उचित नहीं समझा। एेसे में वार्डों में विकास के काम अटक गए। बड़े काम के लिए सभापति की अनुमति जरूरी है। फाइलों की लौटाफेरी हो रही है।
एेसे में आयुक्त ने भी गली निकाल ली। वे खुद अपने स्तर पर दो-दो लाख रुपए के निर्माण कार्यों के टेंडर लगा रहे हैं। उनका तर्क है कि दो लाख रुपए तक के काम कराने का पावर उनके पास ही है।उधर, सभापति ललिता समदानी का कहना है कि परिषद कुछ भी काम कराएगी तो स्वीकृति जरूरी है अन्यथा भुगतान में समस्या आएगी। इन दिनों अधिकारी भी असमंजस में है कि किसकी बात माने। इन हालात में परिषद में काम ठप है।
एक करे कार्रवाई तो दूसरा रुकवा रहा
सफाई व्यवस्था बदहाल हो गई है। वहींं परिषद की बिना अनुमति और नक्शे पास कराए निर्माण कार्य चल रहे हैं। परिषद में ही दो गुट है। एक गुट कार्रवाई की बोलता है तो दूसरा कार्रवाई रुकवा लेता है। इससे अधिकारी असमंजस में हैं। यही वजह है कि शहर में अवैध कब्जे करने वाले भी सक्रिय हो गए। परिषद सीमा में उपनगर पुर, सांगानेर आदि में भी बिना स्वीकृति के काम हो रहे हैं। यहां भी परिषद के सर्किल इंस्पेक्टर पहुंच रहे हैं लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नहीं लग पा रहे वार्डों के टेंडर
परिषद में अभी टेंडर लग रहे हैं लेकिन कुछ वार्ड ही शामिल है। सांगानेर के पास एक गांव में सीसी सड़क पर बड़ा बजट खर्च कर दिया, वहीं शहर में गड्ढ़े हैं। इसके बावजूद काम नहीं हो रहा है। आयुक्त का तर्क है कि सभी वार्डों के प्रस्ताव आएंगे तो मंजूरी दी जाएगी। उधर, दोनों के एक साथ नहीं बैठने से समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। हाल यह है कि सभापति से काम होने पर आयुक्त अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को वहां भेज देते हैं।
लौट रही है फाइलें
परिषद में फाइलों की स्थिति चिंताजनक है। कोई भी काम की फाइल आसानी से नहीं निकल रही है। सभापति आयुक्त के पास भेजते हैं तो वहां से एक्सईएन चर्चा करंे, लिखकर वापस भिजवा रहे हैं। एेसे में फाइलें केवल चर्चा में घूम रही है। इससे कई जरुरी काम अटके हैं। गत दिनों भी उपसभापति गुट के पार्षद सभापति के पास फाइल ले गए थे। इसके बाद सभापति गुट के पार्षद आयुक्त के पास गए तो फाइलों को लौटा दिया।
शहर का बहुत नुकसान हो रहा है
सभी वार्डों में विकास कराना है लेकिन फाइलों की लौटाफेरी हो रही है। जरूरी टेंडर लगने है लेकिन केवल चर्चा लिख देने से काम अटक गए है। इस स्थिति में अपने शहर का बहुत नुकसान हो रहा है।
ललिता समदानी, सभापति नगर परिषद
मेरा किसी विवाद से लेना-देना नहीं है
शहर में विकास कराना है। जितने का मुझे पावर है, उतने के काम तो कराएंगे। मेरा किसी विवाद से लेना-देना नहीं है। मेरे यहां कोई फाइल नहीं रुकी है। हां, अब दो-दो लाख के निर्माण कार्यों के प्रस्ताव तैयार करा रहे हैं।
पद्मसिंह नरूका, आयुक्त नगर परिषद