
भीलवाड़ा।
स्थाई लोक अदालत ने एक फैसले में आसीन्द नगर पालिका अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी को पूर्व विधायक की शिकायत की अनदेखी के आरोप में व्यक्तिगत रूप से पचास हजार रुपए की क्षतिपूर्ति राशि चुकाने के आदेश दिए हैं।
स्थाई लोक अदालत में पूर्व विधायक नानूराम कुमावत ने 13 जून को परिवाद नगर पालिका अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी के खिलाफ पेश किया था। इसमें बताया गया कि आसींद-ब्यावर चुंगी नाका रोड स्थित उनके व्यावसायिक भूखंड के सामने पालिका ने सात फ ीट गहरा व पांच फ ीट चौड़ा नाला बनाकर खुला छोड़ दिया। शिकायतों के बावजूद नाला नहीं ढकने से रास्ता बाधित होने लगा और भूखंड पर आना-जाना मुश्किल हो गया। पालिका ने 70 हजार रुपए बाह्य विकास शुल्क भी वसूल किए। पालिका की अनदेखी से परिवादी को शारीरिक और मानसिक क्षति भी पहुंची। लोक अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया। आदेश में पालिकाध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी की सेवा को दोषपूर्ण माना गया।
अदालत ने परिवादी को 50 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति अदा करने व एक माह में नाले को ढकाने के आदेश दिए। नाले को नहीं ढकाने पर पांच सौ रुपए प्रतिदिन के हिसाब से कार्य पूर्ण होने तक राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा करवाने के आदेश दिए गए। यह राशि संयुक्त व अलग-अलग पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी से निजी तौर पर वसूल की जाने योग्य होगी। इसके साथ ही वाद व्यय 2500 रुपए परिवादी को अदा करना होगा।