भीलवाड़ा

नए सत्र से पहले बच्चों के हाथों में होंगी किताबें, स्कूलों में पहुंची 4.20 लाख पुस्तकें

वितरण की प्रक्रिया शुरू; 397 पीईईओ के माध्यम से 27 मार्च तक ब्लॉक स्तर पर बांटी जाएंगी पाठ्यपुस्तकें

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Mar 17, 2026
नए सत्र से पहले बच्चों के हाथों में होंगी किताबें, स्कूलों में पहुंची 4.20 लाख पुस्तकें

भीलवाड़ा जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले ही बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। जिले के सरकारी स्कूलों के लिए 11 लाख से अधिक पुस्तकें पहुंच चुकी हैं। इनमें से 4 लाख 20 हजार पाठ्यपुस्तकों की खेप स्कूलों तक पहुंच चुकी है। जिला बुक डिपो के माध्यम से इन किताबों का वितरण 27 मार्च तक सभी ब्लॉकों में पूरा कर लिया जाएगा।

विभाग ने वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जिले के 397 पीईईओ (पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी) को जिम्मेदारी सौंपी है। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से ब्लॉकवार संचालित की जा रही है, ताकि सत्र शुरू होते ही पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो सके।

क्यू-आर कोड से लैस होगी नई किताबें, कॉपीराइट उल्लंघन पर रहेगी नजर

इस बार छपवाई गई नई किताबों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राजस्थान पाठ्य पुस्तक मंडल की ओर से सभी पुस्तकों पर क्यू-आर कोड दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य किताबों की पायरेसी रोकना और अवैध नकल पर अंकुश लगाना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कहीं भी कॉपीराइट का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्राइवेट स्कूलों जैसी चमक: रंगीन पेज और बदला हुआ सिलेबस

सरकारी स्कूलों की किताबों को अब निजी स्कूलों की तर्ज पर आकर्षक बनाया गया है। इस सत्र में किताबों के पेज अधिक रंगीन और उच्च गुणवत्ता वाले कागजों पर छापे गए हैं। इसके साथ ही पाठ्यक्रम में भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। कक्षा 6, 7 और 8 में राजस्थान अध्ययन विषय की नई किताबें जारी की गई हैं। कक्षा 3, 4 और 5 में इनके पाठ्यक्रम में भी आंशिक परिवर्तन किया गया है।

4.20 लाख पुस्तकों का वितरण

राजस्थान राज्य पाठयपुस्तक वितरण केंद्र पालड़ी भीलवाड़ा के प्रबंधक दीनदयाल उपाध्याय ने बताया कि अब तक आसींद, बदनोर, बनेड़ा, बिजौलियां, हुरड़ा, जहाजपुर, कोटड़ी, करेडा ब्लॉक में प्रथम चरण की 4.20 लाख पुस्तकों का वितरण पूर्ण हो चुका है। अब तक 18 लाख की मांग के अनुसार 11 लाख पुस्तके आ चुकी हैं। साथ ही नए शैक्षणिक सत्र से पहले सभी स्कूलों में पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी देरी के शुरू हो सके। सभी पीईईओ को समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार कार्य करने के को कहा गया है।

Published on:
17 Mar 2026 08:45 am
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