17 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सावधान! बाजार में आ सकती हैं फर्जी किताबें, खरीदारी से पहले ऐसे करें असली-नकली की पहचान

राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मण्डल

less than 1 minute read
Google source verification
Caution! Fake books may hit the market; here is how to distinguish between genuine and counterfeit copies before making a purchase.

Caution! Fake books may hit the market; here is how to distinguish between genuine and counterfeit copies before making a purchase.

राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मण्डल ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 1 से 12 तक की पुस्तकों का वितरण जिला केंद्रों पर शुरू कर दिया है। मंडल ने अभिभावकों और विद्यार्थियों को सचेत किया है कि बाजार में नकली किताबों का प्रचलन बढ़ रहा है। इससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री नहीं मिल पा रही है। ऐसे में मंडल ने असली किताबों की पहचान के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

कैसे पहचानें असली किताब

मंडल के अनुसार सभी आधिकारिक पुस्तकों का मुद्रण विशेष आरएसटीबी (RSTB) वॉटरमार्क वाले कागज पर किया गया है। विद्यार्थी या अभिभावक जब किताब के पन्ने को रोशनी के सामने रखकर देखेंगे, तो उन्हें पन्नों पर RSTB25 या RSTB26 का स्पष्ट वॉटरमार्क दिखाई देगा। यदि यह वॉटरमार्क मौजूद नहीं है, तो वह पुस्तक नकली हो सकती है।

नकली किताबें बेचने वालों पर होगी कार्रवाई

मंडल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में कक्षा 1 से 12 तक की किताबों का कॉपीराइट और स्वामित्व केवल राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मण्डल के पास सुरक्षित है। यदि कोई पुस्तक विक्रेता नकली किताबें बेचता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यहां करें शिकायत

यदि आपको बाजार में कहीं भी नकली किताबें बिकने की सूचना मिले, तो आप तत्काल मंडल कार्यालय, जयपुर के दूरभाष नंबर 0141-2711237 पर सूचित कर सकते हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।