कोरोना संकट काल में राज्य सरकार ने विश्वास जताते हुए जो जिम्मेदारी डॉक्टर के रूप में सौंपी है, उससे मैं, कृतज्ञ हूं और संकट के दौर में पहला ध्येय मानव सेवा रहेगा। यह कहना है सुभाषनगर विस्तार निवासी सोहन वैष्णव की पुत्री डॉ. चिना वैष्णव का।
भीलवाड़ा। कोरोना संकट काल में राज्य सरकार ने विश्वास जताते हुए जो जिम्मेदारी डॉक्टर के रूप में सौंपी है, उससे मैं, कृतज्ञ हूं और संकट के दौर में पहला ध्येय मानव सेवा रहेगा। यह कहना है सुभाषनगर विस्तार निवासी सोहन वैष्णव की पुत्री डॉ. चिना वैष्णव का।
डॉ. चीना बताती है कि प्रथम नियुक्ति बीगोद में होने से वो अभिभूत है। वो बताती है कि भीलवाड़ा मॉडल बनाने में भीलवाड़ा के चिकित्सकों ने देश में अमिट छाप छोड़ी है, इससे मेरे व अन्य युवा साथियों का जोश दुगना हुआ है।
दूसरी तरफ, कोरोना संकट काल से जुझ रहे जिले को ६५ नए चिकित्सक मिलें है। राजस्थान विज्ञान विश्वविद्यालय जयपुर द्वारा चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा २०२० के लिए आयोजित परीक्षा के बाद राजस्थान सरकार निदेशालय चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं राजस्थान जयपुर के आदेश पर चयनित १९९२ अभ्यर्थियों को प्रदेश में चिकित्सा अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया।
दो वर्ष के प्रशिक्षु काल में एक वर्ष की इंटरशिप रहेगी। इस अवधि में ५६७०० रुपए परिचर्या भत्ता रहेगा। वेतनमान लेवल १४ में वित्त विभाग ने अधिसूचना जारी की है।
राज्य सरकार के आदेशानुसार जिले में ६५ नए चिकित्सकों को सीएमएचओ,सेटेलाइट, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व शहरी डिस्पेंसरी में नियुक्ति मिली है।