भीलवाड़ा की वस्त्रनगरी में तेज बारिश ने सड़कों और गलियों की बदहाली ही नहीं बल्कि पार्कों की पानी निकासी की भी पोल खोल दी।
भीलवाड़ा की वस्त्रनगरी में तेज बारिश ने सड़कों और गलियों की बदहाली ही नहीं बल्कि पार्कों की पानी निकासी की भी पोल खोल दी। निकासी का उचित प्रबंधन नहीं होने से पार्कों में बारिश का पानी भरा है। शहर के नेहरु गार्डन, राजीव गांधी पार्क, शिवाजी गार्डन समेत अन्य कई पार्कों में बारिश का पानी भरा है। इससे यहां टहलने आने वाले लोग परेशान हैं। पानी की वजह से पार्क के ट्रेक पर कीचड़ फैल गया। इनकी सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नतीजतन पार्कों में लोगों की आवाजाही घट गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को पार्कों से नियमित रूप से सूखे पत्ते, फुटपाथ से मिट्टी हटवानी चाहिए। पानी की निकासी का प्रबंध भी करना चाहिए।
दो माह से नहीं हो रही देखरेख
नगर परिषद के करीब 120 छोटे-बड़े पार्क हैं। इनकी दो माह से देखरेख नहीं हो रही है। पहले ये सभी पार्क ठेकेदार के पास थे। टेंडर अवधि समािप्त के बाद इनके लिए समितियों से टेंडर मांगे थे। दो माह बाद भी किसी को जिम्मेदारी नहीं दी गई। नगर विकास न्यास के 75 छोटे-बड़े पार्क है। इन को मौहल्ला समितियां, एनजीओ तथा ठेकेदार को देखरेख के लिए दे रखा है। दोनों निकाय पार्कों पर हर माह लाखों रुपए खर्चती है। उसके बाद भी इनकी हालत दयनीय है।
होनी चाहिए हर सुविधा
पार्कों में हर मौसम से निपटने के लिए सुविधाएं होनी चाहिए ताकि बारिश से पार्क की सुंदरता खराब न हो और लोग आसानी से यहां घूम सकें। बुजुर्गों का काफी वक्त पार्क में ही गुजरता है।
जीएल गुप्ता, आरसी व्यास कॉलोनी
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सुविधाओं की है कमी
पार्क का रखरखाव बेहतर बनाने के लिए उचित कार्रवाई और गंभीरता से प्रयास की जरूरत है। पार्क में लोग पूरे साल जाते हैं। पार्कों में पानी न जमा हो, इसके लिए इंतजाम किए जाएं।
एमके सिसोदिया, आरसी व्यास कॉलोनी
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निकासी का करेंगे प्रबन्ध
पार्कों का रखरखाव और सफाई कार्य किया जा रहा है। अभी विभागीय कार्य से बाहर हूं। आते ही पानी की निकासी का प्रबंध करवाऊंगा। पार्कों की हर समस्या दूर करने के प्रयास करते हैं।
जीतराम जाट, कार्यवाहक उद्यान अधीक्षक यूआईटी