इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने यूआईटी पर गंभीर आरोप लगाए, दूसरी तरफ कांग्रेस के दावों के मुताबिक धरने पर भीड़ नहीं जुट सकी
भीलवाड़ा।
प्रदेश में भाजपा सरकार के चार साल के शासन में सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर जिला कांग्रेस की धरना एवं प्रदर्शन की मुहिम सोमवार को भी जारी रही। कांग्रेस ने सोमवार को यूआईटी के खिलाफ मोर्चा खोला और डेढ़ घंटे यूआईटी के सामने धरना दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने यूआईटी पर गंभीर आरोप लगाए, दूसरी तरफ कांग्रेस के दावों के मुताबिक धरने पर भीड़ नहीं जुट सकी।
इसके बावजूद यहां सुभाषनगर थाना प्रभारी भजनलाल की अगुवाई में बड़ी संख्या पुलिस जाप्ता तैनाता रहा। एडीएम सिटी राजेन्द्र सिंह कविया ने खुद धरना स्थल पर पहुंच कर राज्यपाल के नाम कांग्रेस का ज्ञापन लिया। धरने के दौरान यूआईटी में भी कड़े सुरक्षा बंदोबस्त थे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामपाल शर्मा की अगुवाई में अग्रिम संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने यूआईटी के बाहर धरना दिया। सुबह 11 बजे से डेढ़ घंटे चले धरने के दौरान शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष कैलाश व्यास व महामंत्री महेश सोनी ने यूआईटी में नियम विरूद्ध कार्य होने, न्यास के पेराफरी के गांवों का समुचित विकास नहीं होने, औद्योगिक इकाइयों की भूमि का गलत तरीके से रूपातंरण करने, आम जन का कार्य नहीं होने, भूमाफियाओं को लाभ पहुंचाने, बहुद्देशीय योजना का स्वरूप बिगाडऩे, नेहरू आवासीय योजना के आवंटियों को सुविधा नहीं देने, जोधड़ास आेवरब्रिज निर्माण नहीं कराने समेत कई आरोप लगाए।
ये पदाधिकारी मौजूद रहे धरने में
धरने को कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल डांगी, दुर्गेश शर्मा, मोहन लाल असावा, मंजू पोखरना, हेमेन्द्र शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुमित्रा कांटिया, विजयलक्ष्मी गुर्जर, मधु जाजू, रामगोपाल पुरोहित, रफीक शेख आदि पदाधिकारियों ने सम्बोधित किया। इस दौरान इन्द्रा सोनी, अर्चना दुबे, ईश्वर खोईवाल, धर्मेन्द्र पारीक, जीपी. खटीक, भैरूलाल भडाणा समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।