
भीलवाड़ा।
पत्रिका समूह के जन एजेंडा 2018-23 के तहत हर विधानसभा क्षेत्र के लोगों, जन संगठनों और समूहों ने बैठक कर रोड मैप तैयार किया। क्षेत्र के विकास के मुद्दे तय किए।
नई कॉलोनियों में भी मिले चंबल का पानी
1.चम्बल परियोजना पानी का भीलवाड़ा शहर की अधिकांश कॉलोनियों तक नहीं पहुंचा, नई कॉलोनियों को भी चम्बल का पानी मिलें। वही भीलवाड़ा शहर के लिए सरकार अलग से पेयजल परियोजना बनाए।
रीको पंचवटी की सुध ले प्रशासन
2.पुरानी कॉलोनियों के साथ रीको, पंचवटी क्षेत्र की कॉलोनियों की भी प्रशासन सुध ले।
सड़कों की दुर्दशा रोकें
3.सड़कों की दुर्दशा रोकें। दूरसंचार निगम व मोबाइल कम्पनियों की केबल बिछाने, सीवरेज प्लांट की पाइप लाइन बिछने, चम्बल पेयजल परियोजना के लिए पाइप लाइन बिछाने के लिए प्रशासन संयुक्त कमेटी गठित करें।
मास्टर प्लान के अनुरूप बस्तियों का विकास
4. शहर की कच्ची बस्तियों का समूचित विकास के लिए नगर विकास न्यास व नगर परिषद मास्टर प्लान बनाए। उसी के अनुरुप बस्तियों का विकास हो एवं सुविधा जुटें।
बिजली व्यवस्था निजी कंपनी को देने का विरोध
5. शहर की बिजली व्यवस्था को निजी कम्पनी सिक्योर को देने के फैसले का जन विरोध, जनता चाहती है बिल माह में एक बार आए और बिल राशि घटाई जाए।
मवेशी खुले में छोड़ने पर हो जुर्माना
6.शहर में आवारा मवेशी हादसों का सबब है। नगर परिषद व प्रशासन संयुक्त रूप से गंभीरता दिखाए। काइन हाउस में क्षमता से अधिक नहीं रखे और गोशाला की मदद लें। पशुपालकों पर जुर्माना करें।
मंडी में नीलाम स्थल खाली हो
7.भीलवाड़ा कृषि उपज मंडी समिति प्रांगण में किसानों के लिए बने नीलामी स्थल पर कब्जे हो गए है। एेसे में जिले के किसानों को खुले में अनाज का संग्रहण करना पड़ रहा है।
उपनगरीय बस सेवा शुरू हो
8.उपनगरीय बस सेवा जरूरी है। शहर का दायरा बढऩे से कॉलोनियों में आमजन को पहुंचपाना अब सहज नहीं रहा। प्रशासन उपनगरीय बस सेवा को गंभीरता से लागू करें।
कर वार्ड में सार्वजनिक पुस्तकालय हो
9.हर वार्ड में सार्वजनिक पुस्तकालय खुले। जिस तरह से अभी कॉलोनियों में खुल रही निजी लाइब्रेरी में मिल रहा है। नगर परिषद की लाइब्रेरी कागजों में चल रही है।
अतिक्रमण से मिले मुक्ति
10.व्यवसायिक कॉम्पलेक्सों के नियम विरूद्ध निर्माण, सड़कों पर अतिक्रमण, अवैध निर्माणों से निजात दिलाने के लिए नेताओं की दखअंदाजी बंद करने का मैकेनिज्म तैयार हो। कोठारी नदी व नाले प्रदूषण, अतिक्रमण व अवैध दोहन से मुक्त हो। प्रशासन कोठारी नदी का संरक्षण करें। अदालतों के फैसले की सख्ती से हो पालना कोठारी नदी से अवैध बजरी दोहन पर कड़ाई से रोक लगे।