21 में से 14 जने बन गए थे भीड़ का हिस्सा
भीलवाड़ा।
स्वास्तिक हॉस्पीटल में रविवार रात आग लगने के बाद मची अफरा-तफरी के बाद तीसरी मंजिल पर कोरोना संक्रमित मरीजों का वार्ड है। घटना के समय वार्ड में 21 मरीज भर्ती थे, लेकिन आग के बाद मची अफरा-तफरी से अधिकांश मरीज बाहर आ गए और भीड़ का हिस्सा बन गए। हॉस्पीटल के अनुसार इनमें 9 को बांगड व 4 को कृष्णा होस्पीटल में रेफर किया गया, जबकि एक घर चला गया। सात अभी भी यहां हॉस्पीटल में उपचारत है।
कलक्टर नकाते व पुलिस अधीक्षक चन्द्रा के साथ ही संबधित विभागों के अधिकारी भी मौके पर आ गए। यहां फैले धुएं को देखते हुए अधिकारियों ने हॉस्पीटल में भर्ती 6७ मरीजो को दूसरे अस्पताल में रेफर करने के आदेश दिए। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए मना कर दिया कि सभी मरीज सुरक्षित है। हालांकि कोरोना संक्रमित के २१ में से १४ मरीज अस्पताल से बाहर आ गए थे। उन्हें बाद में बृजेश बांगड़ हॉस्पिटल, कृष्णा में भर्ती कराया गया। जबकि कुछ अपने घर चले गए थे। एक घंटे में पूरी स्थिति नियंत्रित होने पर यहां मौजूद सभी ने अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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पत्रिका ने उठाया था मुद्दा
शहर में संस्थानों में आग बुझाने के नाम पर महज कागजी नोटिस जारी होने की कटू सच्चाई राजस्थान पत्रिका ने 28 नवम्बर 20 को ही कागजों में निपट रहे है आपदा नोटिस बेअसर शीर्षक से उठाई थी। इसमें खुलासा किया गया था कि शहर में व्यवसायिक गतिविधि स्थलों पर आग से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं है और नगर परिषद भी सिर्फ कागजी कार्रवाई कर रही है।