कोरोना प्रोटोकॉल में बरती जा रही लापरवाही
भीलवाड़ा।
देवउठनी एकादशी के साथ ही जिले में शादी व अन्य आयोजनों की फिर से शुरुआत हो चुकी है, लेकिन लोगों ने सतर्कता नहीं बरती तो कोरोना संक्रमण का खतरा भी कम नहीं है। कुछ दिनों से कई जिलो में कोरोना सक्रिय हो चुका है। कोरोना की दूसरी लहर भी गत वर्ष दीपावली के बाद एवं शादी समारोह की शुरुआत के बाद आई थी। इस बार खतरा ज्यादा है। कारण है कि राज्य सरकार ने पिछले दिनों ही शादी समारोह एवं अन्य आयोजनों में लोगों के शामिल होने की संख्या पर लगी पाबंदी को पूरी तरह हटा दी है। इस कारण इस बार शादी समारोह में फिर से भीड़भाड़ बढने लगी है। लोगों की ओर से कोरोना प्रोटोकॉल में भी लापरवाही बरती जा रही है।
जिले में इन दिनों कोरोना का संक्रमण तो नहीं है। इस कारण ही लोग कोरोना प्रोटोकॉल की पालना के प्रति लापरवाही बरतने लगे हैं। राज्य सरकार की ओर से भीड़भाड़ कम करने के लिए लगाई पाबंदी भी खत्म हो चुकी है। इस कारण बाजार से लेकर शादी समारोह में लोगों की फिर से भीड़ बढने लगी है। बढ़ती भीड़ ही प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या में वृद्धि का कारण बनने लगी है। जिले में वर्तमान में कोरोना का एक्टिव केस नहीं है। डेड़ माह से ज्यादा समय तक जिला कोरोना के एक्टिव केस से फ्री रहा, लेकिन पिछले ही दिनों दो कोरोना का मामले मिलने से चिंता फिर से बढ़ गई है।
भीलवाड़ा रहा संवेदनशील
कोरोनाकाल में भीलवाड़ा संवेदनशील रहा है। इसका मुख्य कारण मुम्बई, गुजरात, दिल्ली, जयपुर एवं अन्य बड़े शहरों से सीधा जुड़ाव होना है। व्यापारिक एवं अन्य कारणों से लोगों का भीलवाड़ा आना जाना रहता है। अभी देश के कई राज्यों में कोरोना का संक्रमण कायम है। ऐसे में जिले में बड़े शहरों से कोरोना संक्रमण का खतरा सदैव रहता है। कोरोना की पहली व दूसरी लहर में भी बाहर से आने तथा अन्य कारणों से कोरोना संक्रमण दस्तक दे चुका है।
लापरवाही से बचना होगा
सरकार से दी गई छूट का लाभ तभी मिल सकेगा, जब लोग कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करेंगे। चेहरे मास्क, दो गज दूरी, भीड़भाड़ से बचने एवं सेनेटाइजर की अनिवार्यता जैसे कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन कर ही कोरोना संक्रमण से बचना संभव है। हालांकि कोरोना समाप्त होने पर लोगों के साथ ही प्रशासनिक लापरवाही भी बढ़ी है। यही कारण है कि लोगों के चेहरे से मास्क हट गए है। बाजारों में भीड़भाड़ बढने लगी है। इतना ही खुद प्रशासन के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की ओर से कोरोना प्रोटोकॉल की पालना में लापरवाही देखी जा सकती है।
नहीं टला खतरा
कोरोना का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करना चाहिए। अभी जिले में कोई केस है, लेकिन सतर्कता जरूरी है।
डॉ. मुस्ताक खान, सीएमएचओ भीलवाड़ा