कोरोना काल में एक चूक पूरे गांव को भारी पड़ सकती थी, ये चूक ना हो जाए, इसके लिए पूरा गांव सावचेत हो उठा, सावधानी बरतने लगा, कोरोना से बचाव के संदेश गांव में घर-घर फैलाए गए, सार्वजनिक स्थलों पर रूकने व बैठने में सावधानी बरती गई। नतीजा आज गांव कोरोना मुक्त है, । राजस्थान पत्रिका के 'कोरोना कम्युनिटी सोल्जर्सÓ के मेरा गांंव मेरा अभिमान के तहत कोरोना काल में आदर्श बने गांवों की कहानी जानिए।
भीलवाड़ा। कोरोना काल में एक चूक पूरे गांव को भारी पड़ सकती थी, ये चूक ना हो जाए, इसके लिए पूरा गांव सावचेत हो उठा, सावधानी बरतने लगा, कोरोना से बचाव के संदेश गांव में घर-घर फैलाए गए, सार्वजनिक स्थलों पर रूकने व बैठने में सावधानी बरती गई। सामूहिक भोज व आयोजन रोक दिए गए। युवाओं के साथ गांव के बड़े बुर्जुगों ने भी साथ दिया। नतीजा आज गांव कोरोना मुक्त है, भविष्य में कोरोना गांव को छू भी नहीं पाए, इसके लिए गांव के लोग व सरकारी कर्मचारी सजग है। राजस्थान पत्रिका के 'कोरोना कम्युनिटी सोल्जर्सÓ के मेरा गांंव मेरा अभिमान के तहत कोरोना काल में आदर्श बने गांवों की कहानी जानिए।
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नब्बे युवाओं की जुटी टीम
जहाजपुर। कोरोना काल में पीपलून्द सहम उठा था, जिले के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते कोरोना संक्रमित से यहां हर कोई, इस लिए परेशान था की कही छोटे से गांव में कोरोना दस्तक ना देदे, कोरोना को गांव के आसपास भी नहीं आने देने के लिए वैद्य प्रकाश खटीक की अगुवाई में युवाओं ने कोरोना राहत एवं बचाव केन्द्र की स्थापना की। जिसमें 90 युवा सर्व सम्मति से आगे आए। गांवों के लोगों के लिए यह बीमारी नई थी। लोगों को कोरोना महामारी से जागरूक करने के लिए स्वयं के खर्च पर पम्पलेट छपवाकर घर घर बांटे, गांव में मास्क लगवाए, भीड भाड से बचने खासी जुकाम होने पर तुरन्त डॉक्टर से सलाह व 18 सैकण्ड तक हाथों को साबुन से साफ करने की जानकारी दी।
भामाशाह के सहयोग से युवाओं ने घर-घर साबुन,साफ ी, चाय, शक्कर जरूरत मंदों को के लिए भोजन तक की व्यवस्था की गई। बीमार व जरूरत मदों को दवा व चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई। वैद्य प्रकाश खटीक ने बताया की कोरोना काल में मूक पक्षी, पशुओं का भी खास ध्यान रखा गया। पक्षियों के लिए परिंडे बांधे व दाने की व्यवस्था की। बीमार पशुओं का उपचार कराया।
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निगरानी समिति ने संभाली कमान
आकोला। भीलवाड़ा शहर में कोरोना की दस्तक होते ही समूचा गांव सहम उठा। लेकिन ग्रामीणों व पंचायत की सतर्कता से यह गांव कोरोना की चपेट में आने से बच गया। सरपंच शिवलाल जाट ने बताया कि ग्राम पंचायत प्रशासन द्वारा समय-समय पर पूरी पंचायत के गांवों को सेनेटराइज कराया, गांव में मास्क वितरित किए गए, साबुन से हाथ धोने व एक दूसरे की दूरी बनाने तथा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों की पालना कडाई से कराई गई।
प्रवासी तथा गंभीर रोगी लोगों को उचित जांच के लिए भेजा तथा जांच के बाद उनको होम आइसोलेन करवाया। लॉक डाउन की पालना करने के लिए प्रबृद्ध जनों ने निगरानी समिति गठित की। जिसमें ग्राम पंचायत के सभी कार्यकर्ता, चिकित्सा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पुलिस प्रशासन तथा शिक्षकों ने पूरी निष्ठा से कार्य किया। जिसके कारण ग्राम पंचायत के आकोला, खजीना, होलीरडा, इंदौकिया की झुपिडय़ा गांव को कोरोना छू भी नहीं सका। इसमें आकोला सरपंच शिवलाल जाट व ग्राम विकास अधिकारी भगवत सिंह राठौड़ की अगुवाई में प्रशासनिक व सामाजिक संगठनों ने बेहतर कार्य किया।
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जरुरतमंदों को घर तक बांटी खाद्य सामग्री
बागोर। सजगता एवं सावधानी का ही नतीजा है कि बागोर कोरोना मुक्त है। यहां कोराना योद्धाओं ने अपनी सजगता दिखाते हुए कस्बे में किसी भी घर में लोगों को भूखा नहीं सोने दिया। हर वक्त उनकी सेवा में खड़े रहे, अपने परिवार को छोड़ दूसरों के परिवार के बारे में सोचा। जरुरतमंद परिवार गांव से बाहर नहीं जाए, इसके लिए लिए आटा,चावल, दाल,तेल, शकर, नमक, मिर्ची, हल्दी आदि खाद्य सामग्री के पैकेट पहुंचाए। कस्बे में लोगों ने लॉकडाउन में नियमों का पालन किया और प्रशासन का साथ दिया । बाहर से आए प्रवासियों को सेंपलिंग करवा उन्हें क्वारटीन करवाया।
मेल नर्स गोपीकृष्ण शर्मा ने बताया कि यहां पर बाहर से आए प्रवासियों और जो भी हॉस्पिटल में किसी भी प्रकार से प्रवेश कर रहा है तो उनकी सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और हैं सेनेटराइज की पूरी व्यवस्था है। बागोर कस्बे को सुरक्षित रखने में एएसआई हरि सिंह, महेंद्र सिंह, दीवान विजय सिंह, कांस्टेबल गिरधारी सिंह, सत्यनारायण खाती ने विशेष भूमिका निभाई। बीएलओ, आंगनबाड़ी, शिक्षक एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने युवाओं की टीम के साथ समूचे बागोर कस्बे पर चौकस निगाहें रखी है।
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सरपंच ने खुद किया दवा का छिडकाव
बरुन्दनी। बरुन्दनी एवं सिंगोली क्षेत्र में कोरोना के खिलाफ उठ खड़े हुए, एेसे में कोरोना गांव में घुस नहीं सका। कोरोना की रोकथाम में पुलिस प्रशासन, ग्राम पंचायत व युवा बचाव की दीवार साबित हुए। सिंगोली सरपंच राकेश आर्य ने पहल करते हुए स्वयं गांव मे दवा का छिड़काव किया। पूरे गांव में चार बार दवा का छिड़काव करवाया। बचाव का संदेश देते पर्चे बंटवाए। गांव में सफ ाई करवाई गई। सेनेटराइज, साबुन व अन्य सामग्री वितरित की, कंट्रोल रूम बनाकर लगातार निगरानी की गई। बरुन्दनी में भी सरपंच गजेन्द्र कुमार तेली के नेतृत्व में पंचायत ने दवा का छिड़काव करवा सफ ाई करवाई। बरुन्दनी पंचायत से लगती चित्तौडग़ढ़ जिले की सीमा को सील किया। यहां कड़ी चौकसी की गई। विहिप, बजरंग दल के प्रतिनिधियों ने मास्क वितरित किए। विधायक गोपाल खंडेलवाल ने विधायक कोष से भोजन सामग्री के किट वितरित किए। उपखण्ड अधिकारी टी सी मीणा के मार्गदर्शन में पूरा प्रशासनिक अमला सतर्क रहा।
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ग्रामीण बनें कोरोना फाइटर्स
बीगोद। बीगोद ग्राम पंचायत के मालीखेड़ा और नयागांव के कोरोना मुक्त बने रहने में समूचे गांव ने सामूहिक भूमिका निभाई। सरपंच मेहरून बानू ने बताया कि ग्राम पंचायत के मालीखेड़ा और नयागांव को चार बार सेनेटाइज किया गया और चिकित्सा टीम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर सर्वे करवाया गया, जिससे दोनों गांव कोरोना वायरस से मुक्त रहे। कंट्रोल रूम बनाकर बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर नजर रखी गई। गरीब व जरूरतमन्द लोगों की सहायता भी की गई।
जालिया ग्राम पंचायत के सरपंच सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर पंचायत कार्यालय पर कंट्रोल रूम बनाकर चिकित्सा कर्मियों, शिक्षक,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अलग-अलग टीमें बनाकर एवं गांवो को सेनेटाइज करवाकर कोरोना वायरस से बचाया। मुकुंदपुरिया सरपंच हरजी रायका, जोजवा सरपंच गोपाल जाट, खटवाड़ा सरपंच संजू जाट ने भी अपनी ग्राम पंचायत के गांवों में सजगता से काम किए, जिससे गांव कोरोना वायरस से अभी तक मुक्त है।
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भामाशाहों ने दूर की पीड़ा
सवाईपुर। ग्राम पंचायत में सभी की सजगता से गांव खुशहाल है और कोरोना मुक्त गांव बनाए रखे, इसके लिए युवाओं की टीम गांव में मुस्तैद है। ग्राम पंचायत स्तर पर 23 मार्च को सर्वे टीम का गठन करके प्रत्येक घर का सर्वे कराया गया। बचाव व सजग रहने का संदेश दिया गया। प्रभारी विमल आचार्य ने बताया इस कार्य के लिए टॉस्क फ ोर्स, निगरानी समिति, कोरोना ईगल, कोरोना फ ाइटर एवं कंट्रोल रूम का गठन किया गया। संस्थागत क्वारंटीन हुए व्यक्तियों के खाने पीने की व्यवस्था जय गुरुदेव भंडारा ने की, जरुरतमंद परिवारों को भी गांव में खाद्य सामग्र्री बांटी गई। देश के विभिन्न हिस्सों से आए 84 प्रवासियों को क्वांरटी किया। जीवन ज्योति सेवा संस्थान एवं गुरुकृपा मंडल ने सहयोग किया। एसडीएम सुभाष यादव, तहसीलदार हनुत सिंह रावत, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह यादव, डिप्टी कोटड़ी कीर्ति सिंह, थानाप्रभारी सुरजीत सिंह, चौकी प्रभारी सत्यनारायण शर्मा आदि का सहयोग रहा।