मरीजों का मोबाइल नंबर, नाम व पिता का नाम तक बदल दिया
भीलवाड़ा
मेडिकल कॉलेज में कोरोना जांच रिपोर्ट में आए दिन गड़बडियां हो रही हैं। यहा तक कि जाति व मोबाइल नम्बर तक बदल दिए जाते है। नेगेटिव आने पर किसी को भी समय पर रिपोर्ट नहीं मिल रही है। पत्नी को बेटी, बेटे को पोत्र दर्शाया जा रहा है।
फोन नंबरों ने बढ़ाई गफलत
मेडिकल कॉलेज से जारी होने वाली सूची में मरीजों के नाम व पते की खामियां हैं। निगेटिव आए लोगों के मोबाइल नंबर व पते तक गलत लिख दिए गए हैं। हाल ही एक मरीज का नम्बर के साथ पता गलत होने से आरआर टीम को मरीज को तलाशने में ही दो दिन लग गए। ऐसा है एक मामला रामनगर का सामने आया।
जांच करवाई, रिकॉर्ड में नाम नहीं
बापूनगर के मनोज बुलानी ने २४ जुलाई को जांच करवाई। उसे बुखार था। मोबाइल पर ओटीपी का मैसेज आ गया, लेकिन २९ जुलाई सुबह तक नहीं बताया कि रिपोर्ट क्या आई। मनोज रिपोर्ट लेने अस्पताल गया तो उसे कहा गया कि जांच ही नहीं हुई। रिपोर्ट में मनोज बुलानी का नाम व मोबाइल नम्बर बदलकर मनोज टेलर कर दिया गया था। मोबाइल नम्बर भी बदल दिया गया। एेसे में जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती तो परेशानी हो सकती थी।
एक घंटे में बदली रिपोर्ट
- रामपुरिया (करेड़ा) निवासी महेन्द्र सिंह पुत्र लक्षमण सिंह की शाम ६.३० बजे पॉजिटिव रिपोर्ट जारी की। एक घंटे के बाद शाम ७.३० बजे दूसरी रिपोर्ट जारी कर नेगेटिव बता दिया गया।
- आरके कॉलोनी निवासी पूर्व सेल टेक्स अधिकारी की पत्नी को बेटी तथा ३० साल के पुत्र को तीन साल का बताया गया।
करते हैं कॉपी-पेस्ट
हमारे पास जो रिपोर्ट आती है, उसकी ही कॉपी पेस्ट कर जारी की जाती है। फिर भी कोई गलती हो जाती है, तो सुधारने का प्रयास करेंगे।
डॉ. राजन नन्दा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
चार जगह करते हैं एन्ट्री
सैम्पल लेने वाले हर व्यक्ति की चार जगह पर एन्ट्री की जाती है। जल्दबाजी में कुछ गलती रह गई होगी। उसे सुधारा जाएगा।
डॉ. सुरेश चौधरी, प्रभारी, डीईआइसी सेन्टर