भीलवाड़ा

व्यापारियों को अब रखना होगा टीसीएस का हिसाब

चेम्बर ने हटाने की मांग की
2 min read
• •
Updated: 27 Sep 2020, 6:01 AM IST
Dealers will now have to keep account of TCS in bhilwara
Dealers will now have to keep account of TCS in bhilwara

भीलवाड़ा।
केन्द्र सरकार ने एक अक्टूबर से टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (टीसीएस) लागू किया। सरकार का दावा है कि इस चालू वित्त वर्ष की बची अवधि के लिए देश के अंदर विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक भुगतान पर टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (टीडीएस) और टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (टीसीएस) की दर में 25 फीसदी की कटौती की है। वहीं व्यापारियों का मानना है कि टीसीएस से उनकी मुश्किलें बढं़ेगी। मेवाड़ चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इण्डस्ट्री के महासचिव आरके जैन ने केन्द्रीय वित्त मंत्री, राज्य वित्तमंत्री, केन्द्रीय कपड़ा मंत्री, उद्योग राज्य मंत्री व उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा, जिसमें टीसीएस प्रणाली हटाने की मांग की।
कर सलाहकार अतुल सोमानी ने बताया कि फाइनेंस एक्स 2020 से टीसीएस के तीन नए प्रावधान जोड़े। कोई व्यक्ति एलआरएस के तहत 2.50 लाख डालर तक भारत से बाहर भेज सकता हैं। इसकी इनकम टैक्स में रिपोर्टिंग नहीं होती थी लेकिन अब यह प्रावधान लागू कर दिया है। 7 लाख रुपए से ज्यादा एक वित्तीय वर्ष में भेजने पर ऑथोरिसेड डीलर्स बैंक या एजेंसीज को 5 प्रतिशत टीसीएस कलेक्ट करना होगा। पेन नम्बर नहीं दिया है तो 10 प्रतिशत टीसीएस लिया जाएगा। जिन विद्यार्थियों ने 7 लाख से ज्यादा का 80 इ के तहत लोन ले रहे है, उनसे 0.5 प्रतिशत टीसीएस लिया जाएगा।
इसके अलावा विदेश यात्रा पैकेज बेचने पर, बिक्री करने वाले ऐसे टूर ऑपरेटर को 5 प्रतिशत टीसीएस कलेक्ट करना होगा। टूर पैकेज के खर्चो में रहने की होटल, बोर्डिंग, लॉजिंग, यात्रा के खर्चे सभी को शामिल किया जाएगा।
विक्रेता की सालाना माल की बिक्री 10 करोड़ से ज्यादा है, उन्हें 50 लाख से ज्यादा वाली बिक्री पर 0.१ प्रतिशत टीसीएस कलेक्ट करना है। (31 मार्च 2021 तक ये दर को घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दिया है) लेकिन जहां टीडीएस या टीसीएस के प्रावधानों के तहत टीडीएस काटा जा रहा है या टीसीएस लिया जा रहा है। वहा पर अतिरिक्त टीसीएस नहीं लिया जाएगा। हालांकि इस नए कानून से कई उद्योग इस कानून से बाहर होंगे लेकिन पैन नंबर नहीं देने पर टीसीएस 1 प्रतिशत से लिया जाएगा। काटा गया टीसीएस 7 अक्टूबर तक जमा करना होगा।
क्या है टीसीएस
टीसीएस का मतलब स्रोत पर एकत्रित टैक्स (इनकम से इक_ा किया गया टैक्स) होता है। टीसीएस का भुगतान सेलर, डीलर, वेंडर, दुकानदार की तरफ से किया जाता है। हालांकि वह कोई सामान बेचते हुए ग्राहक से वसूलता है। वसूलने के बाद इसे जमा करने का काम सेलर या दुकानदार का होता है। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 206 सी में इसे कंट्रोल किया जाता है। कुछ खास तरह की वस्तुओं के विक्रेता ही इसे कलेक्ट करते हैं। इन वस्तुओं में टिंबर वुड, स्क्रेप, मिनरल, तेंदूपतेे शामिल हैं। इस तरह का टैक्स तभी काटा जाता है जब पेमेंट एक सीमा से ज्यादा होता है।

Published on:
Also Read
View All