भीलवाड़ा

कुरकुरे समझ खा ली चूहे मारने की दवा, बुझा इकलौता चिराग

बड़लियास गांव में खेल-खेल में कुरकुरे समझ कर चूहे मारने की दवा खाने से मासूम की मौत

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बड़लियास गांव में तीन साल के बालक ने खेल-खेल में कुरकुरे समझ कर चूहे मारने की दवा खा ली। इससे उसकी उपचार के दौरान सोमवार को महात्मा गांधी अस्पताल में मौत हो गई।

बीगोद।

क्षेत्र के बड़लियास गांव में तीन साल के बालक ने खेल-खेल में कुरकुरे समझ कर चूहे मारने की दवा खा ली। इससे उसकी उपचार के दौरान सोमवार को महात्मा गांधी अस्पताल में मौत हो गई। बीगोद थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों के सुपुई किया। बालक इकलौता पुत्र था।


थानाप्रभारी महावीर मीणा के अनुसार बड़लियास निवासी गोपाल ओड़ का तीन वर्षीय बालक बबलू घर पर रविवार शाम को खेल रहा था। खेल-खेल में उसने ताक में रखी चूहे मारने की दवा को कुरकुरे समझ कर खा ली। परिजन उसे एमजीएच लेकर आए। उपचार के दौरान सोमवार को उसने दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार बबलू इकलौती संतान थी। चार माह पूर्व ही उसके पिता गोपाललाल का निधन हुआ। घटना से परिवार पर वज्रपात हुआ। घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

चार माह में परिवार पर टूटा वज्र
चार माह में दो परिवार में पिता के बाद बेटे की मौत से परिवार टूट गया। चार माह पूर्व ही उसके पिता गोपाललाल का निधन हुआ। घटना से परिवार पर वज्रपात हुआ। घर में कोहराम मच गया।

मांडल में दवा समझकर जहर खाया, वृद्ध की मौत

माण्डल थाना क्षेत्र में बीती रात दवा समझ कर विषाक्त पदार्थ के सेवन से वृद्व की मौत हो गई। परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम के लिए मना करने के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। थाना उपनिरीक्षक दातार सिंह राठौड़ ने बताया कि माण्डल कस्बे के मेजा रोड निवासी करीम बख्स (80) पुत्र छीतर बिसायती को खांसी होने पर गलती से खेत में छिड़कने की दवा का सेवन कर लिया।

परिजनों ने उपचार के लिए गम्भीर हालात में महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां वृद्ध ने देर रात उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए मना कर दिया।

Published on:
09 Oct 2017 10:31 pm
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