शिक्षा विभागीय परीक्षाएं ने जारी किए निर्देश; रोके गए परिणामों का 13 अप्रेल तक करना होगा निस्तारण
राजस्थान में कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षाओं के घोषित परिणामों में आ रही त्रुटियों और रोके गए परिणामों को लेकर शिक्षा विभागीय परीक्षाएं, ने शुक्रवार को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विद्यार्थियों के नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरणों में सुधार के लिए सीबीईओलॉगिन पर शुक्रवार से एप्लीकेशन करेक्शन मॉड्यूल शुरू कर दिया है, जो 25 अप्रेल तक खुला रहेगा।
पंजीयक कार्यालय की ओर से सभी जिला प्रभारियों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया कि विद्यालय स्तर पर सत्रांक और अंक प्रविष्टि में हुई गलतियों के कारण जिन विद्यार्थियों के परिणाम रोके गए थे, उनका निस्तारण प्राथमिकता से किया जाए।
ऑनलाइन त्रुटि सुधार 10 से 25 अप्रेल तक 5वीं और 8वीं के घोषित ऑनलाइन परिणामों में यदि विद्यार्थी का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, विषय या विद्यालय के नाम में कोई गलती है, तो सीबीईओलॉगिन के माध्यम से 25 अप्रेल तक सुधार किया जा सकता है। जिन छात्रों के परिणाम रोके गए थे, उनकी सूची डाइट को भेजी जा चुकी है। डाइट स्तर से अंक संशोधन के प्रस्ताव पंजीयक कार्यालय की ओर से 13 अप्रेल तक ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद प्राचार्यों को परीक्षा परिणाम बकाया न होना का पूर्णता प्रमाण पत्र भेजना अनिवार्य होगा। पुनर्गणना का कार्य 6 अप्रेल से शुरू हो चुका है। तीन विषयों कला शिक्षा, कार्यानुभव, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा के सत्रांक संशोधन के प्रकरण मूल रूप से 15 अप्रेल तक पंजीयक कार्यालय को अग्रेषित करने होंगे। डाइट को यह भी प्रमाणित करना होगा कि नियमानुसार पुनर्गणना शुल्क जमा कर लिया गया है।
सफल विद्यार्थियों के ग्रेड सह-प्रमाण पत्रों (मार्कशीट) का मुद्रण और वितरण आगामी मई माह में किया जाना प्रस्तावित है। पुनर्गणना के परिणाम जारी होने के बाद ही पूरक (सप्लीमेंट्री) परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों के लिए अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे।
पंजीयक ने सभी जिला प्रभारियों को जारी की गई पुनर्गणना टाइमलाइन की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत देने के लिए पोर्टल को सीमित समय के लिए खोला गया है, अतः निर्धारित समय सीमा में त्रुटि सुधार करवाना अनिवार्य है।