आरके कॉलोनी जैन मंदिर में सुबह उमड़ा भक्तों का सैलाब
दिगंबर जैन समाज के पयुर्षण पर्व के अंतिम दिन शनिवार को समाज ने अनन्त चतुर्दशी उत्साह के साथ मनाई। तेज बारिश व घुटनों तक पानी भरे होने के बावजूद सुबह 5:30 बजे से ही आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में श्रावकों की भीड़ अभिषेक के लिए उमड़ पड़ी।
उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना
इस अवसर पर पंडित राहुल जैन शास्त्री ने कहा कि अपनी आत्मा में रमण करना ही उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म है, जिसे मुनिराज धारण करते हैं। श्रावकों को कम से कम ब्रह्मचर्य अनुव्रत का पालन करना चाहिए।
सुबह से शाम तक चला धार्मिक अनुष्ठान
सुबह संजय अमन झांझरी ने स्वर्ण मुकुट धारण कर अभिषेक किया। 108 रिद्धि मंत्रों के साथ आदिनाथ भगवान की शांतिधारा की गई। सुनील सेठी, सुभाष सेठी, केशवलाल हुमड़, विकास पाटनी, विमल कमल रारा, राकेश पहाड़िया, बालचंद शाह, ज्ञानचंद पाटनी, सनत अजमेरा, ओमचंद–रिखबचंद बाकलीवाल ने विभिन्न प्रतिमाओं पर शांतिधारा की।
दोपहर में अनन्त चतुर्दशी के कलश
आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेश गोधा ने बताया कि दोपहर में मंदिर में अनन्त चतुर्दशी के कलश हुए। इस दौरान ट्रस्ट की ओर से पंडित राहुल जैन शास्त्री का सम्मान किया गया। शास्त्री के आव्हान पर भक्ताम्बर आरती के लिए 150 चांदी के दीपकों की घोषणा की गई। ट्रस्ट के सचिव अजय बाकलीवाल ने बताया कि शाम को भक्ताम्बर आरती में तीन परिवारों ने 48-48 दीपकों से आदिनाथ भगवान की भव्य आरती की। मंदिर परिसर दीपमालिका की तरह जगमगा उठा।