भीलवाड़ा

सीए आर्टिकलशिप में डिजिटल क्रांति: अब ‘ई-डायरी’ से तय होगी भविष्य के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की दक्षता

- ऐतिहासिक फैसला: आईसीएआई ने 1 जनवरी से अनिवार्य की ई-डायरी - ट्रेनिंग में आएगी पारदर्शिता, फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम

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Jan 07, 2026
CA articleship will now determine the competence of future chartered accountants through 'e-diary'.

चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए नए साल की शुरुआत एक बड़े डिजिटल बदलाव के साथ होने जा रही है। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने दशकों पुरानी मैनुअल ट्रेनिंग व्यवस्था को अलविदा कहते हुए 'ई-डायरी' प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। 1 जनवरी से आर्टिकलशिप या इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग शुरू करने वाले हर छात्र के लिए अब अपने काम का पाई-पाई का हिसाब डिजिटल पोर्टल पर देना होगा।

बोर्ड ऑफ स्टडीज (ऑपरेशंस) की इस पहल को सीए प्रोफेशन के इतिहास में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। अब छात्रों को मिलने वाला स्टाइपेंड, उनके द्वारा सीखे गए स्किल्स और ऑफिस की उपस्थिति सब कुछ स्टूडेंट सेल्फ सर्विस पोर्टल पर रियल-टाइम उपलब्ध रहेगा।

विवादों और असहमति का होगा अंत

अब तक आर्टिकलशिप के दौरान छात्र क्या सीख रहा है और प्रिंसिपल (सीए फर्म) उसे क्या सिखा रहे हैं, इसका कोई पुख्ता और पारदर्शी रिकॉर्ड नहीं होता था। कई बार अनुभव प्रमाण पत्र या अवकाश को लेकर छात्रों और प्रिंसिपल्स के बीच विवाद की स्थिति बनती थी। ई-डायरी इन सभी समस्याओं का तकनीकी समाधान बनेगी। यह एक 'डिजिटल साक्ष्य' के रूप में कार्य करेगी, जिसे बदला नहीं जा सकेगा।

छात्रों और फर्म्स को क्या होगा फायदा?

छात्र अपनी प्रगति का आत्म-मूल्यांकन कर सकेंगे। इंटरव्यू के समय उनके पास अपनी दक्षताओं का एक प्रमाणित डिजिटल रेकॉर्ड होगा। प्रिंसिपल्स के लिए प्रशिक्षुओं की कार्यक्षमता और उपस्थिति की निगरानी आसान होगी। ट्रेनिंग मानकों का पालन करना सरल हो जाएगा। यह सुनिश्चित होगा कि छात्र केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तव में जमीन पर काम सीख रहे हैं।

ई-डायरी के मुख्य फीचर्स

  • दैनिक कार्य विवरण: छात्र को रोज बताना होगा कि उसने क्या नया सीखा।
  • स्टाइपेंड ट्रैकिंग: भुगतान का विवरण ऑनलाइन दर्ज होगा।
  • लीव मैनेजमेंट: छुट्टियों का पूरा रेकॉर्ड पोर्टल पर रहेगा।
  • स्किल अपडेशन: किन-किन क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल की, इसकी मैपिंग होगी।

ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल

यह व्यवस्था प्रैक्टिकल ट्रेनिंग को महज एक औपचारिकता से निकालकर उसे उद्देश्यपूर्ण और परिणाम-आधारित बनाएगी। इससे छात्रों में अनुशासन आएगा और वे वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार हो सकेंगे।

- निर्भीक गांधी, रीजनल काउंसिल मेंबर

Published on:
07 Jan 2026 07:55 pm
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