– शिक्षा विभाग ने जारी की सूची भीलवाड़ा जिले के सरकारी स्कूलों में जर्जर भवनों के साए में पढ़ाई कर रहे नौनिहालों के लिए राहत की खबर है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) ने तकनीकी सर्वे के बाद जिले के 84 विद्यालयों के जर्जर हिस्सों को जमींदोज करने की स्वीकृति जारी कर दी है। आदेश […]
- शिक्षा विभाग ने जारी की सूची
भीलवाड़ा जिले के सरकारी स्कूलों में जर्जर भवनों के साए में पढ़ाई कर रहे नौनिहालों के लिए राहत की खबर है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) ने तकनीकी सर्वे के बाद जिले के 84 विद्यालयों के जर्जर हिस्सों को जमींदोज करने की स्वीकृति जारी कर दी है। आदेश के तहत कई स्कूलों में संपूर्ण भवन तो कई जगह केवल किचन या कुछ कमरों को हटाया जाएगा। हालांकि जिले में 116 स्कूलों को जमींदोज के आदेश होने हैं। इनमें से अब तक केवल 35 स्कूल ही जमींदोज हो पाई हैं।
जारी सूची में बनेड़ा, सहाड़ा, मांडलगढ़, सुवाणा, शाहपुरा, आसीन्द, हुरड़ा और बिजौलिया ब्लॉक के स्कूल शामिल हैं। सबसे ज्यादा कार्रवाई बिजौलिया और हुरड़ा ब्लॉक में होगी।
आदेश में स्पष्ट किया कि विद्यालय विकास समिति को अपनी देखरेख में इन भवनों को सुरक्षित तरीके से गिराना होगा। सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि होने पर विद्यालय विकास समिति व संस्था प्रधान उत्तरदायी होंगे। यदि किसी व्यक्ति या संस्था को समिति के इस निर्णय से आपत्ति है, तो वह आदेश जारी होने के 15 दिवस की अवधि में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक बीकानेर को अपील कर सकता है।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने स्कूल को जमींदोज करने से पहले 15 दिन में नोटिस जारी कर आपत्तियां मागने के सुझाव दिए हैं। लेकिन समग्र शिक्षा विभाग ने स्कूल व जर्जर हिस्से को ढहाने की रिपोर्ट आदेश के 7 दिन में अनिवार्य रूप से मांग रहे हैं।
विभाग ने तकनीकी सर्वे के आधार पर तीन श्रेणियों में ध्वस्तीकरण की अनुमति दी है।