भीलवाड़ा जिले में रविवार को लम्पी वायरस संक्रमण के 764 मामले सामने आए। इन्हें मिलाकर अब इनकी संख्या 4065 तक पहुंच गई है। वही रविवार को 32 मवेशियों की मौत हुई है। इनकी संख्या भी बढ़कर 198 हो गई है।
भीलवाड़ा जिले में रविवार को लम्पी वायरस संक्रमण के 764 मामले सामने आए। इन्हें मिलाकर अब इनकी संख्या 4065 तक पहुंच गई है। वही रविवार को 32 मवेशियों की मौत हुई है। इनकी संख्या भी बढ़कर 198 हो गई है।
पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. दुर्गालाल रेगर ने बताया कि लंपी वायरस तेजी से फैल रहा है। अब तक जिले में 12 गौशालाओं में भी फेल गया है। यहां करीब 92 मवेशी संक्रमित है। जबकि एक मवेशी की मौत हुई है। इसके अलावा जिले के 478 गांवों में यह रोग फैल गया है। इनमें आसीन्द 98, बनेड़ा 79, भीलवाड़ा में 5, हुरड़ा में 162, कोटड़ी 12, मांडल 156, फूलिया कला 74, रायपुर 35, सहाड़ा 143 मवेशी शामिल है। जबकि अब तक लम्पी से 198 की मौत हो चुकी है। इनमें रविवार को आसीन्द में 6, बनेड़ा 2, भीलवाड़ा 1, हुरड़ा 18, मांडल 1, फूलियाकला 3 तथा रायपुर में 1 मवेशी की मौत हुई है।
पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. दुर्गालाल रेगर ने बताया कि लंपी वायरस की चपेट में आए मवेशियों का सभी सेन्टरों पर उपचार किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे गाय-भैंस आदि को चराने के लिए इन दिनों जंगल में ना ले जाएं। क्योंकि वहां पता ही नहीं चलता कि पशु जिस चारे को खा रहे हैं वह कहीं दूषित तो नहीं है। जंगल से पशुओं में जू, चिचडे, कलीली जैसे कीट लग जाते हैं।