थोड़ी सावधानी से दे सकते हैं संक्रमण को मात
भीलवाड़ा।
कोरोना संक्रमण को लेकर इस समय जिले में कोहराम मचा हुआ है। अस्पताल फुल हैं और लोगों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण के पांच में से चार मामले ऐसे हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत ही नहीं है। थोड़ी सी सतर्कता बरती जाए तो घर पर रहते हुए ही कोरोना संक्रमण को मात दे सकते हैं।
बीमारी के लक्षण
सूखी खांसी, गले में खराश, बुखार व नाक बहना कोरोना के प्रारंभिक लक्षण हैं। कुछ मरीजों को स्वाद व गंध का अनुभव नहीं होता तथा सिर व बदन दर्द रहता है। सांस लेने में परेशानी होती है और ऑक्सीजन सेचुरेशन में गिरावट आ जाती है। छाती में दर्द, भूख न लगना, दस्त, थकान व कमजोरी आदि भी इसके लक्षणों में शामिल हैं। कोरोना वायरस के फैलने के बाद पांच दिनों में न्यूमोनिया और 7-12 दिनों में सीवियर हाइपोक्सीमिया हो जाती है। ऐसे में मरीज को आइसीयू में भर्ती करना पड़ता है।
जब लक्षण दिखें तो क्या करें
खुद को तत्काल हवादार कमरे में आइसोलेट कर लें। कमरे से स्नानघर जुड़ा होना चाहिए। अगर आप आइसोलेशन में देरी करेंगे तो दूसरों के संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाएगी। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो शरीर के तापमान और ऑक्सीजन के स्तर की निगरानी करते रहे। घरवालों से कम से कम छह फीट की दूरी बनाए रखें। ग्लास, थाली, तौलिया व मोबाइल फोन किसी को ना देवें।
ऐसे करें ऑक्सीजन की जांच
डॉक्टर छह मिनट टहलने के बाद ऑक्सीजन जांच की सलाह देते हैं। छह मिनट टहलें और फिर ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन की जांच करें। अगर ऑक्सीजन के स्तर में छह प्वाइंट से ज्यादा की गिरावट आती है तो चिकित्सकीय मदद लें। हर चार घंटे के अंतराल पर शरीर के तापमान व ऑक्सीजन के स्तर की जांच करते रहें।
कब तक रहे क्वारेंटीन
लक्षण सामने आने के 10 दिनों बाद तक, यदि कम से कम तीन दिनों से बुखार नहीं आ रहा हो। इसके बाद भी सात दिनों तक खुद को घर में आइसोलेशन में रखें और निगरानी करते रहें। अगर कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं तो जांच रिपोर्ट आने के 10 दिनों बाद क्वारेंटीन खत्म कर सकते हैं। ठीक होने के बाद रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित व्यायाम करें। पोषण युक्त खानपान पर ध्यान दें। डॉक्टर की सलाह पर 60 से ज्यादा उम्र वाले व जिन्हें हाइपर टेंशन, डायबिटीज, दिल, किडनी या लीवर की बीमारी हो वे घर में आइसोलेट हो सकते हैं।
होम क्वारेंटीन के लिए आवश्यक चीजें
- 14 दिनों के लिए खाना व साफ. सफाई के सामान
- 30 दिनों के लिए सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों की दवाएं उपलब्ध हों
- सेनीटाइजर, ऑक्सीमीटर, थर्मोमीटर आदि उपलब्ध हों
- मरीज को हर छह से आठ घंटे पर सर्जिकल मास्क बदलना होगा
- डिस्पोजेबल प्लेट, कटोरा व अन्य बर्तन उपलब्ध हों
- सतह को संक्रमण मुक्त करने के लिए स्प्रे उपलब्ध हो
- मरीज के कपड़े व अन्य सामान को उठाने से पहले सर्जिकल ग्लब्स पहनें
- डबल मास्क का इस्तेमाल करें। मास्क व ग्लब्स को सेनिटाइज करने के बाद पीले रंग के कचरे की थैली में रखें।