
भीलवाड़ा।
एम्स नई दिल्ली के निदेशक एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन एवं महात्मा गांधी अस्पताल जयपुर के वाइस चांसलर डॉ. एमपी मिश्रा ने कहा कि चिकित्सा की दृष्टि से देश आगे बढ़ रहा है। खास कर बड़े शहरों में चिकित्सा की नाई तकनीकें एवं उपकरण मौजूद है, लेकिन ग्रामीण आबादी तक अभी भी इनका लाभ नहीं पहुंच पा रहा। उन्होंने कहा कि अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्र में निवास करती है। गांधीनगर स्थित एक होटल में शनिवार शाम को डॉक्टर सेमीनार में बोलते हुए मिश्रा ने कहा कि बड़े चिकित्सा संस्थानों की ये जिम्मेदारी है कि उन्नत तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्र में कार्य कर रहे चिकित्सकों एवं जनता तक पहुंचाया जाए।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि आज भी तीन चौथाई ऑपरेशन बड़े चीरे से किए जा रहे है। जबकि वर्तमान में ऑपरेशन छोटे चीरे तथा ब्लड लैस सर्जरी तकनीक आ गई है। इस अवसर पर महात्मा गांधी अस्पताल जयपुर के न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. बीएस शर्मा ने कहा कि न्यूरो नेविगेशन तकनीक ने ब्रेन एवं स्पाइन सर्जरी की राह को आसान कर दिया है। कम्प्यूटर की मदद से चिकित्सक के लिए पता लगाना अब आसान हो गया है स्वस्थ उत्तक की बीमारी से कौनसा क्षेत्र है।
आजकल ब्रेन ट्यूमर एवं रीढ़ की हड्डी के छल्ले का ऑपरेशन किया जा रहा है। इससे रोगी को अगले ही दिन घर भेज दिया जाता है। इस अवसर पर कार्डियक सर्जन डॉ. बुद्धादित्य चक्रवर्ती ने कहा कि समय के बदलाव के साथ कार्डियक सर्जरी भी छोटे चीरे से होने लगी है। इसके कारण मरीज को अस्पताल से जल्दी छुट्टी मिल जाता है। सेमीनार में जयपुर फर्टिलिटी के निदेशक डॉ. विकास स्वर्णकार ने महात्मा गांधी अस्पताल में जारी निसंतानता उपचार और नई तकनीक से रूबरू कराया।
स्वास्थ्य मेला रविवार को
महात्मा गांधी अस्पताल जयपुर की ओर से रविवार को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक राजीव गांधी ऑडिटोरियम में नि:शुल्क स्वास्थ्य मेले का आयोजन होगा। शिविर में सुपर स्पेशियलिटी परामर्श देंगे।