भीलवाड़ा

डॉक्टरों की हड़ताल से असहनीय पीड़ा से जूझते मरीज

चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने सेराजकीय चिकित्सालय में उपजे विकट स्थिति में अभी खासा सुधार नहीं हो सका है

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भीलवाड़ा में डॉक्‍टर्स की हड़ताल के चलते मरीजों की कतार

भीलवाड़ा।

राजकीय चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने से भीलवाड़ा जिले में राजकीय चिकित्सालय में उपजे विकट स्थिति में अभी खासा सुधार नहीं हो सका है । जिले के सबसे बड़े महात्मा गांधी चिकित्सालय में जिला प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज के 19 चिकित्सकों के सहारे यहां की चिकित्सा व्यवस्था संभाले रखने का दावा किया है।

लेकिन मरीजों की पीड़ा है कि यहां चिकित्सालय में मौजूदा डॉक्टर उन्हें सही तरीके से नहीं देख रहे हैं और ना ही बेहतर दवा लिख रहे हैं इसी प्रकार कई मरीज ऐसे भी हैं जोकि ऑपरेशन के लिए भर्ती हैं लेकिन उनका भी अभी तक ऑपरेशन नहीं होने से वह असहनीय पीड़ा से जूझ रहे हैं। वही ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी चिकित्सा व्यवस्था डावांडोल है यहां पर जिला प्रशासन के दावों के विपरीत चिकित्सकों की कमी स्वास्थ्य सेवाओं में आड़े आ रही है।

पीएमआे डॉक्‍टर केसी पंवार ने बताया कि भीलवाड़ा जिले के सबसे बड़े चिकित्सालय महात्मा गांधी चिकित्सालय में रेजिडेंट डॉक्टर की 9:00 से 11:00 पेन डाउन हड़ताल नहीं है । मेडिकल कॉलेज चालू नहीं होने के कारण रेजिडेंट डॉक्टर अभी भीलवाड़ा में कार्यरत नहीं है इस वजह से चिकित्सालय सुचारु रुप से चालू है ।

डॉक्टरों की हड़ताल से गांवों में हालात खराब

डॉक्टरों की हड़ताल के चलते सदूर गांवों में हालत खराब है। जिले के शाहपुरा जहाजपुर आसींद मांडलगढ़ गुलाबपुरा गंगापुर व बनेडा क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अव्यवस्था बनी हुई है। चिकित्सालयों में मरीजों की कतारें लगी है। कई जगहों पर आयुष चिकित्सक व कंपाउंडर सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन इससे मरीजों की जान पर बन आई है। गौरतलब है कि डॉक्टरों की हड़ताल के चलते गत दिनों शाहपुरा में हार्ट रोगी को ताकत व एसीडीटी की दवा देने से रोगी की मौत हो गई थी। सबसे ज्यादा परेशानी प्रसूताओं व गंभीर रोग से ग्रस्त रोगियों को उठानी पड़ रही है। जिन्हें भीलवाड़ा रैफर किया जा रहा है।

Updated on:
08 Nov 2017 08:42 pm
Published on:
08 Nov 2017 01:00 pm
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