मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना
भीलवाड़ा .
मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए बाजार से लैंस लाने की अनुमति सरकारी अस्पताल के पीएमओ या प्रभारी से लिखित में लेनी होगी। इसके लिए डॉक्टर मरीज व उनके परिजनों पर दबाव नहीं बना सकेंगे, क्योंकि सभी सरकारी अस्पतालों में आंखों के लैंस व दवा निशुल्क उपलब्ध हैं। अगर फिर भी डॉक्टर ने लैंस बाजार से मंगवाया तो शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. केके शर्मा ने आदेश जारी किए हैं। इसमें बताया है कि अस्पतालों में कार्यरत नेत्ररोग विशेषज्ञों की ओर से मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए लैंस बाजार से मंगवाने की शिकायत मिली हैं। इसे निदेशालय ने गंभीरता से लिया है। अगर अब नेत्ररोग विशेषज्ञ की ओर से लैंस के नाम पर मरीजों से पैसे लेने की शिकायत मिली तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पतालों में नेत्ररोग विशेषज्ञों को सरकारी लैंस लगाने को पाबंद करने के निर्देश दिए हैं। अगर कोई मरीज निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए बाहर से लैंस लाने के लिए बाध्य करता है तो संस्था प्रभारी से लिखित में अनुमति लेनी होगी।
इसके लिए अस्पताल प्रभारियों को नेत्र ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर व रजिस्ट्रेशन काउंटर पर डिस्पले बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए हैं। इस पर बड़े अक्षरों में लिखना होगा कि निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए लैंस की व्यवस्था मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत की गई है। इसमें संस्था प्रभारी का मोबाइल नंबर और राजस्थान संपर्क शिकायत टोल फ्री नंबर 181 भी लिखना होगा। निदेशक ने सरकारी अस्पतालों में निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन में बाजार के लैंस लगने की रिपोर्ट भी मांगी है।