भीलवाड़ा

खेत में भाभी को अकेली देखकर नशे धुत्त देवर ने कर दिया ऐसा काम, पति गया था खाना लेने, आया तो उड़ गए होश

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Jul 02, 2018
boy fraud and rapped with girl from three years

भीलवाड़ा/हमीरगढ़। स्थानीय थाना पुलिस ने जवासिया का खेड़ा गांव में संतोषी कंजर की निर्मम हत्या के आरोप में एक दिन के रिमाण्ड पर भेजे गए मृतका के देवर निरभिया कंजर को रविवार को न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। थानाधिकारी भारत रावत ने बताया कि आरोपी की निशान देही पर हत्या के काम में ली गई लाठी और कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई।

थानाधिकारी भारत रावत के अनुसार आरोपी को एक दिन के रिमाण्ड पर लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि संतोषी कंजर व देवर निरभिया कंजर के बीच काफी समय से अवैध सम्बंध थे। इसके बाद निरबिया के साथ रहने का संतोषी दबाव बना रही थी। पति को छोड़कर साथ रहना चाहती, लेकिन निरभिया इसके लिए तैयार नहीं था। इससे परेशान होकर निरभिया भाभी को ठिकाने लगाने की योजना बना रहा था।

मालूम हो, गुरुवार रात को सम्पति कंजर और उसकी पत्नी संतोषी गत रात गांव के निकट स्थित खेत पर कपास की फसल की रखवाली करने गए। सम्पतिया टपरी में पत्नी को छोडकऱ निकट ही चाचा के बेटे के पास खाना लेने चला गया। पीछे से अकेला पाकर नशे में धुत्त होकर आए निरभिया ने कुल्हाड़ी व लकड़ी से संतोषी पर हमला कर दिया। चीख सुनकर सम्पतिया आया। लेकिन तब तक निरभिया भाग गया। हमले में संतोषी की मौत हो गई।

वहीं दूसरी ओर... एक ही परिवार के 11 सदस्यों के शव फंदे पर लटके मिले वह परिवार मूलत: चित्तौडगढ़़ जिले के सावा का
दिल्ली के उत्तरी इलाके बुराड़ी स्थित संत नगर के जिस मकान में रविवार को एक ही परिवार के 11 सदस्यों के शव फंदे पर लटके मिले वह परिवार मूलत: चित्तौडगढ़़ जिले के सावा का रहने वाला है। सांसद जोशी व पूर्व विधायक जाड़ावत सहित कई जनप्रतिनिधियों ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है।

सावा निवासी महावीरसिंह ने बताया कि दिल्ली में फंदे पर लटके मिले एक ही परिवार के 11 सदस्यों में से परिवार के मुखिया ललितसिंह व भुवनेशसिंह उर्फ भूपी दोनों भाई थे। इनके पिता भोपालसिंह चुण्डावत, जो मूलत: सावा के चांदनी चौक निवासी थे। वे करीब छह दशक पहले यहां से हरियाणा के टोहणा गांव चले गए और वहां एक होटल पर काम किया, इसी दौरान वहां भाटिया परिवार की बेटी से उनका विवाह हो गया। इसके बाद वे परिवार सहित दिल्ली में बस गए। भोपालसिंह का निधन हो चुका है। ललितसिंह के एक भाई दिनेशसिंह रावतभाटा में रहते है और ठेकेदारी का काम करते है, उनकी पत्नी शिक्षक है। महावीरसिंह की मानें तो दिनेशसिंह रोजगार के लिए सउदी अरब चले गए थे और उनके कहने पर ही करीब तीस साल पहले भोपालसिंह परिवार सहित अपने पिता हरिसिंह चुण्डावत से मिलने सावा आए थे। इसके बाद इस परिवार का शादी-ब्याह जैसे किसी भी सामाजिक कार्यक्रमों में शरीक होने सावा आना जाना रहता है। भोपालसिंह के चार भाई थे, इनमें से जोधसिंह व रणसिंह आज भी सावा में ही रहते हैं।

Updated on:
02 Jul 2018 09:38 am
Published on:
02 Jul 2018 09:29 am