12 पंचायत समितियों में पानी की कमीजल शक्ति अभियान से बचाना होगा जल स्त्रोतो को
भीलवाड़ा।
जिले में पानी की कमी के चलते 12 पंचायत समितियां डार्क जोन में है। इसके कारण जल संकट भी बढ़ता रहा है। अब राजस्थान के २९ जिलों में सोमवार से ही जल शक्ति अभियान की शुरूआत की गई। इसके तहत अब जिले को डार्क जोन से बाहर निकालने के लिए सभी को सक्रिय रूप से कार्य करना होगा। परम्परागत जल स्त्रोतो को बचाना होगा। जहां पानी की अच्छी आवक है, लेकिन रास्ते अवरूद्ध है तो उनके रास्ते को खुलाना होगा। यह निर्देश सोमवार दोपहर को कलक्टर राजेन्द्र भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित जल शक्ति अभियान की पहली बैठक में अधिकारियों को दिए।
जिला कौर ग्रुप की बैठक में कलक्टर ने बताया कि पानी के मामले में आत्मनिर्भरता बढाने के लिए जल शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जल सरंक्षण, जल संचयन, जलाशयो का जीर्णोद्वार ,बोरवेल रिचार्ज, जलग्रहण क्षैत्र का विकास, तथा पोधारोपण किया जाएगा। इसके साथ ब्लाक व जिला जल सरंक्षण योजना का निर्माण सिंचाई योजना के साथ शामिल किया जाएगा। कृषि और उद्यानिकी उद्वेश्यो के लिए शहरी अपशिष्ट जल का पुर्नउपयोग किया जाएगा। नोडल विभाग जल ग्रहण विकास एवं भू सरंक्षण विभाग होगा। पीपीटी के माध्यम से जल शक्ति अभियान की महत्ता के बारे में जानकारी दी गई। जिले भर में यह अभियान एक जुलाई से १५ सितम्बर तक चलाया जाएगा।
कलक्टर ने नगर परिषद, नगर विकास न्यास व सभी विभाग के अधिकारियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को सुचारू करने के निर्देश दिए। तीन सौ स्कवायर मीटर के मकानो के नक्शे पास करने से पूर्व रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए जाने की शर्त डाली जाए। जिले में कितने पुराने कुए, तालाब, बावडी है जो आंशिक मरम्मत से सही हो सके इसकी सूचना तीन दिन में तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में शाहपुरा प्रधान गोपाल गुर्जर, आसीन्द प्रधान लक्ष्मी देवी साहू, जहाजपुर प्रधान शिवजी राम मीणा तथा सम्बोधि महिला मंडल की मजूं पोखरना ने भी कई सुझाव दिए। बैठक में समाजिक संगठनों ने भी हिस्सा लिया।