प्रदेश के आमजन को सस्ती बजरी नहीं मिल पा रही है। खान एवं भूविज्ञान विभाग निदेशालय बजरी की ई-नीलामी करने में पीछे नहीं है।
भीलवाड़ा प्रदेश के आमजन को सस्ती बजरी नहीं मिल पा रही है। खान एवं भूविज्ञान विभाग निदेशालय बजरी की ई-नीलामी करने में पीछे नहीं है। पर्यावरण क्लीयरेंस (ईसी) नहीं मिलने से सस्ती बजरी अक्टूबर से पहले मिलना मुश्किल है। बनास नदी से बजरी का अवैध दोहन हो रहा है। इसे खान निदेशालय भी रोकने में सफल नहीं हो पा रहा है।
खान निदेशक भगवती प्रसाद ने प्रदेश में बजरी खनन के लिए 48 खनन पट्टों के लिए ई-नीलामी की विज्ञप्ति जारी की। इसकी प्रक्रिया 23 जुलाई से शुरू होगी। इससे खनिज विभाग को कम से कम 19.29 करोड़ का राजस्व मिलेगा। इसमें राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियमावली 2017 के अध्याय ।।। के तहत अप्रधान खनिजों के खननपट्टों के आवंटन के लिए 48 प्लॉट ई- नीलामी के माध्यम से इलेक्ट्रोनिक प्लेटफार्म पर खुली बोली मांगी गई है। बोली 6 अगस्त से 23 सितंबर तक चलेगी। अधीक्षण खनिज अभियंता ओपी काबरा का कहना है कि भीलवाड़ा, बिजौलियां, चित्तौड़गढ़ समेत प्रदेश के 12 खनिज अभियन्ता कार्यालय से ई-ऑक्शन की शर्तें विभागीय वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
खनिज अभियन्ता कार्यालय में होगी बजरी की नीलामी