भीलवाड़ा

निर्वाचन आयोग के डंडे के बाद शिक्षा विभाग बैकफुट पर, तबादला सूचियों पर लगी रोक

बड़ी लापरवाही: चुनाव कार्य में लगे कार्मिकों के भी कर दिए थे तबादले अब निदेशक ने आदेश वापस लिए; कार्यमुक्त हो चुके शिक्षकों को भी पुरानी जगह लौटना होगा

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Jan 14, 2026
Education department on the back foot after Election Commission's crackdown, transfer lists put on hold

प्रदेश के शिक्षा विभाग में तबादलों को लेकर मचे घमासान के बीच अब माध्यमिक शिक्षा निदेशक को बैकफुट पर आना पड़ा है। भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान के कड़े निर्देशों की अनदेखी कर जारी की गई तबादला सूचियों पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग ने उन शिक्षकों और प्राचार्यों के भी तबादले कर दिए थे, जो वर्तमान में निर्वाचन आयोग के अति-महत्वपूर्ण 'गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम' (एसआईआर) में तैनात हैं। इनमें भीलवाड़ा जिले के करीब 50 से अधिक कार्मिक शामिल हैं। जिन्हें वापस अपने पुराने पद आने के लिए कहा गया है।

आयोग के नियमों की हुई थी अनदेखी

शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों ताबड़तोड़ 6500 से अधिक प्राचार्यो की तबादला सूचियां जारी की थी। इन सूचियों में निर्वाचन आयोग के उन स्पष्ट आदेशों की पालना नहीं की गई, जिनमें चुनाव संबंधी कार्य बीएलओं, सुपरवाइजर, हेल्प डेस्क प्रभारी के रूप में लगे कार्मिकों के स्थानांतरण पर रोक होती है। मामले के तूल पकड़ने और निर्वाचन आयोग की सख्ती के बाद विभाग को अब अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं।

कार्यमुक्त हो चुके शिक्षकों को 'घर वापसी' के आदेश

निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी नए आदेशों के अनुसार मतदाता पुनरीक्षण कार्य में नियुक्त जिन कार्मिकों के तबादले हाल ही में किए गए थे, उन्हें तुरंत प्रभाव से प्रत्याहारित कर दिया गया है। सबसे ज्यादा परेशानी उन शिक्षकों और प्राचार्यों के लिए खड़ी हो गई है, जिन्हें पुरानी जगह से कार्यमुक्त कर दिया गया था और उन्होंने नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण कर लिया था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से अपने पुराने पदस्थापन स्थान पर पुनः कार्यभार ग्रहण करना होगा।

इन पर पड़ेगा असर

  • पद: प्राचार्य, उप प्राचार्य और विभिन्न विषयों के स्कूल व्याख्याता (प्राध्यापक)।
  • चुनाव ड्यूटी: सुपरवाइजर, बीएलओ और हेल्प डेस्क प्रभारी के रूप में कार्यरत कार्मिक।
  • कारण: 5 से 9 जनवरी के बीच जारी हुए तबादला आदेशों पर रोक।
Published on:
14 Jan 2026 08:39 pm
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