
Vishwakarma Yojana will improve the future of traditional artisans: No more jobs, we will provide employment
भीलवाड़ा जिले के पारंपरिक कारीगरों सुथार, सुनार, राजमिस्त्री, कुम्हार, मोची और लुहार के हुनर को अब एक नई और बड़ी पहचान मिलने जा रही है। पीएम विश्वकर्मा योजना के जरिए ये कारीगर न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं, बल्कि डिजिटल युग में ई-कॉमर्स के माध्यम से अपने उत्पादों को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं।
एमएसएमई विकास कार्यालय एवं मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के संयुक्त तत्वावधान में मेवाड़ चैम्बर भवन में आयोजित जागरुकता कार्यशाला में जिले के 100 से अधिक सूक्ष्म उद्यमियों ने भाग लिया और उद्यम प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण सहित सरकारी योजनाओं की बारीकियां समझीं।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने इस योजना को प्रधानमंत्री की दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को उनके उत्पादों के लिए शुरू से अंत तक समग्र सहायता प्रदान कर रही है।
आज के दौर में छोटे कारीगरों के लिए ऑनलाइन बाजार कितना अहम है, इस पर डिजिटल एक्सपर्ट गजानंद बोहरा ने विस्तार से मंथन किया। उन्होंने लाभार्थियों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचने के गुर सिखाए। बोहरा ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को उनके गंगापुर चौराहा स्थित सेंटर पर ऑनलाइन व्यापार शुरू करने के लिए निशुल्क काउंसलिंग और भविष्य में पूरा सहयोग दिया जाएगा।
लीड बैंक मैनेजर अशोक पांडे ने उद्यमियों को बैंक की विभिन्न ऋण और सहायता योजनाओं के बारे में जागरूक किया। जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक केके मीणा ने जिले में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत अब तक हुए कार्यों और प्रगति पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मेवाड़ चैम्बर के संयुक्त सचिव एनके. जैन के स्वागत उद्बोधन से हुआ। अंत में एमएसएमई विकास कार्यालय जयपुर के सहायक निदेशक मधुकर शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
Updated on:
10 Mar 2026 10:22 pm
Published on:
10 Mar 2026 10:22 pm
