-कोरोना गाइडलाइन की पालना
भीलवाड़ा।
जिलेभर में शुक्रवार को जश्न-ए-ईद मिलाद्दुनबी मनाई गई। कोरोना के चलते बड़े जुलूस नहीं निकाले। कुछ जगह लोग एकत्र होकर फातिया पढऩे गए। बच्चे टोलियां में झंडे के साथ गलियों में घूमते नजर आए।
शुक्रवार को इस्लामिक साल के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल की उर्दू की 12 तारीख यानि 30 अक्टूबर को अल्लाह के प्यारे हजरत मुहम्मद के दुनिया में तशरीफ लाने की खुशी में जश्न-ए-ईद मिलाद्दुनबी बड़े शानो-शौकत से मनाई गई। कोरोना के कारण इस बार रात के कार्यक्रम तकरीर व नात ख्वानी नहीं हुआ। जुलूस भी नहीं निकाला। समाजजनों ने बहुत उत्साह के साथ उनका जन्मदिन मनाने के लिए महफिल, कुरान ख्वानी, फातिहा ख्वानी, नात ख्वानी आदि का घरों पर आयोजन किया।
आरके कॉलोनी कृषि उपज मंडी के पीछे जरूरतमंद महिलाओं को खाद्य सामग्री के किट व मास्क बांटे गए। हमीद रंगरेज ने बताया कि हुज़ूर नबी, करीम हजऱत मुहम्मद मुस्तफा के जन्मदिन पर दुनिया को नबी के बताए रास्ते के अनुसार गरीबों को इस दिन दान दिया जाता है। अमन वेलफेयर सोसाइटी ने गरीब महिलाओं को खाद्य सामग्री व नगद राशि व मास्क मोहम्मद हारून रंगरेज, निसार सिलावट, लुकमान सिलावट, अजीज देशवाली, लारा लोहार आदि उपस्थित थे।
पुन. पुर में ईद मिलादुन्नबी परंपरागत तरीके से मनाया गया। जुलूस नहीं निकाला गया। पंच पीर दरगाह पर बच्चों ने देखो हमारे नबी की शान बच्चा बच्चा है कुर्बान जैसे नारे लगाकर प्रोग्राम की शुरुआत की। शास्त्री नगर मस्जिद के इमाम हजरत मौलाना सलीम अकबरी, पीर मस्जिद के इमाम मौलाना नईम अहमद ने हजरत मोहम्मद मुस्तफा के बताए हुए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। अंजुमन कमेटी के पूर्व सदर रमजान मोहम्मद ने मुबारकबाद दी। नबी की शान में सलाम पढ़ा। तबर्रुक बांटा गया।