प्रतिदिन पूजन, धर्म आराधना, तप, त्याग और भक्ति के साथ मनाया जाएगा
श्री सम्भवनाथ श्वेताम्बर जैन मंदिर समिति बापूनगर पर आठ दिवसीय पर्युषण पर्व 20 अगस्त से प्रारम्भ होगा। यह पर्व 27 अगस्त तक प्रतिदिन पूजन, धर्म आराधना, तप, त्याग और भक्ति के साथ मनाया जाएगा।
समिति के मंत्री दिनेश गोलेछा ने बताया की पर्युषण पर्व जैन धर्म का सबसे बड़ा पर्व है। इसमें प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन त्याग और तपस्या के साथ प्रभु के पूजन और भक्ति करके अपने कर्मों का क्षय करता है। मनीष बापना की अध्य्क्षता में संभवनाथ मंदिर समिति की बैठक का आयोजन हुआ। इसमें पर्युषण पर्व की तैयारियों को लेकर विभिन्न समितियों का गठन किया गया। समिति के संरक्षक बलवंत मेहता ने बताया प्रतिदिन प्रातः परमात्मा का पक्षाल पूजन, केसर पूजन के साथ ही अष्टप्रकारी पूजा होगी। प्रतिदिन परमात्मा की अंगरचना की जाएगी। सांयकाल में संभवनाथ महिला मंडल की ओर से प्रतिकमण किया जाएगा। भजन संध्या संयोजक के रूप में कुलदीप गुगलिया का नाम चयनित किया। गुगलिया ने बताया कि प्रतिदिन रात्रि में प्रभु भक्ति का आयोजन होगा। इसमे नीमच से महावीर जैन, भीलवाड़ा से नाहर सिस्टर, मनीष सोनी, अंकुर बम्ब के साथ ही गोविन्द गुरावा भजनों से भक्ति करेंगे। 24 अगस्त रविवार को भगवान के जन्मवाचन निमित्त 14 स्वप्नों के दर्शन संगीतमय तर्ज पर भीलवाड़ा में केवल बापूनगर मंदिर में ही करवाए जाएगे। 27 अगस्त संवत्सरी के अवसर पर मंदिर प्रांगण की विशेष सजावट के साथ संवत्सरी पर विशेष अंगरचना की जाएगी। बैठक में गुणवंत जैन, अनिल बिसलोत, लक्ष्मण मेहता, नीलेश भंडारी, मनोज डोशी, संजय लोढ़ा, मनोज महात्मा, किशन मारु, गौरव जैन, पारसमल जैन, विवेक खाब्या, संदीप खमेसरा, जीतेन्द्र आंचलिया मौजूद थे।