भीलवाड़ा

प्रवेशोत्सव: पहले ही दिन दावों की खुली पोल, खेतों में कट रही फसल, घरों पर ताले

कटाई में व्यस्त ग्रामीण, हाउस होल्ड सर्वे में पहले ही दिन शिक्षकों के सामने नेटवर्किंग और अनुपस्थिति की बड़ी चुनौती

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Mar 28, 2026
प्रवेशोत्सव: पहले ही दिन दावों की खुली पोल, खेतों में कट रही फसल, घरों पर ताले

सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिले भर में विशेष प्रवेशोत्सव अभियान का श्रीगणेश हुआ। इस सघन अभियान को लेकर सरकारी दावा है कि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, लेकिन राजस्थान पत्रिका ने तैयारी टटोली तो पहले ही दिन की धरातलीय हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में हाउस होल्ड सर्वे फॉर्म भरने गए शिक्षकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इससे अभियान की गति पहले ही दिन धीमी पड़ गई। हालांकि प्रवेशोत्सव को लेकर शिक्षा निदेशालय बीकानेर के सहायक निदेशक गुरू प्रसाद भार्गव ने शुक्रवार को मांडल तथा लांबियाकला स्कूल का दौरा किया तथा शिक्षकों से सर्वे के बारे में जानकारी ली।

शिक्षक जब ग्रामीणों के दरवाजे पर पहुंचे, तो अधिकांश घरों में ताले लटके मिले या फिर परिवार के मुख्य सदस्य अनुपस्थित थे। इस अनुपस्थिति का एक बड़ा और व्यावहारिक कारण वर्तमान में चल रही गेहूं की फसल की कटाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय पूरा परिवार सुबह से शाम तक खेतों में व्यस्त रहता है। ऐसे में, शिक्षकों के लिए हाउस होल्ड सर्वे का डेटा एकत्र करना लगभग असंभव हो गया।

बदलेगा सर्वे का समय, अब सुबह-शाम चलेंगे दल

समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों ने तत्काल रणनीति बदलने पर विचार शुरू कर दिया है। अभियान के पहले दिन की समीक्षा के बाद, एक वरिष्ठ शिक्षक ने बताया कि हम लोग सुबह 9 बजे से 1 बजे तक घर-घर सर्वे करने गए थे, लेकिन गेहूं की कटाई के कारण घर खाली मिले। अब हमने सर्वे के समय में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। कुछ शिक्षकों को सुबह जल्दी और कुछ को शाम के समय ड्यूटी पर लगाया जाएगा, ताकि जब ग्रामीण खेतों से लौटें, तो उनसे संपर्क कर डेटा इकट्ठा किया जा सके।

नेटवर्किंग की समस्या ने भी बढ़ाई सिरदर्दी

सर्वेक्षण के लिए आवश्यक डेटा को डिजिटल पोर्टल पर रियल-टाइम अपडेट करने का भी निर्देश है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर नेटवर्किंग ने शिक्षकों की सिरदर्दी और बढ़ा दी। कई गांवों में मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से गुल रहा। इससे शिक्षक चाहकर भी 'प्रपत्र-1 में आवश्यक जानकारी, विशेषकर परिवार के सदस्यों की आधार संख्या, शैक्षणिक स्थिति, प्रपत्र-2 और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का विवरण अपडेट नहीं कर सके।

हाउस होल्ड सर्वे का आधार

अभियान की आधारशिला एक विस्तृत प्रपत्र है। इसे शिक्षकों को प्रत्येक घर में जाकर भरना है। इस प्रपत्र में निम्नलिखित डेटा पॉइंट शामिल हैं। इसमें वार्ड/गांव का नाम और हैबिटेशन (रहवास)। बालक-बालिका का नाम, माता-पिता-अभिभावक का नाम। जन्म दिनांक, आयु, लिंग, और वर्ग शामिल है। प्रपत्र-2 ए में आधार संख्या। शैक्षणिक स्थिति, अनामांकित-ड्रॉपआउट, किस कक्षा में है। विशेष ध्यान देने वाले बच्चों की जानकारी। प्राइवेट स्कूल से आने वाले बच्चों की जानकारी। अभिभावक का मोबाइल नंबर और पूर्ण पता शामिल है।

Published on:
28 Mar 2026 09:13 am
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