स्थानीय रिको स्थित फैक्ट्रियों में पत्थर की घिसाई का मलबा (स्लरी) खुले में फेंक रहे है
बीगोद।
स्थानीय रिको स्थित फैक्ट्रियों में पत्थर की घिसाई का मलबा (स्लरी) खुले में फेंक रहे है। फैक्ट्री मालिक स्लरी को बनास नदी, सरकारी जमीन व खेतों में छोड़ रहे है जिससे जमीन बंजर हो रही है। वहीं बनास प्रदूषित हो रही है। इस असर बीसलपुर बांध तक देखने को मिल रहा है। अगर सब कुछ ऐसा ही चलता रहा तो राजधानी समेत राजस्थान के कई शहराेें मेें दूषित पानी की आपूर्ति होगी।
रिको स्थित आधा दर्जन फैक्ट्रियां स्लरी को कई दिनों से भीलवाड़ा- कोटा मुख्य सड़क मार्ग किनारे व खाली पड़ी जमीन पर पाइप लगा कर छोड़ रहे हैं। कार्रवाई का डर नहीं होने से फेक्ट्री मालिक अब बनास नदी को प्रदूषित करने के लिए नदी में स्लरी को पाइप लगा कर छोड़ रहे हैं। कीरो की झोपड़ियां निवासी हरिलाल कीर ने बताया कि फैक्ट्रियों का मलबा कई दिनों से हमारे खेतो में छोड़ा जा रहा है। जिससे फसलों को नुकसान हुआ है वही जमीन भी बंजर हो रही है।
बनास हुई दलदल, बीसलपुर तक का पानी होगा प्रदूषित सूखी बनास नदी में फैक्ट्रियों की निकली स्लरी दूर से पानी की तरह दिखती है। स्लरी के मलबे में कई मवेशी भी फंस चुके है। भीलवाड़ा-कोटा सड़क मार्ग किनारे भी स्लरी डाल कर दलदल बना रहे हैं जिससे दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
कैसे होगा बीसलपुर का पानी प्रदूषित
जानकारों का मानना है कि बारिश के दिनों में यह स्लरी पानी के साथ बहकर बीसलपुर में जाकर गिरेगी। जिससे पानी प्रदूषित होने के साथ ही कई जलीय जीवों पर संकट मंडरा रहा है।
हाथ पर हाथ धरे बैठा प्रशासन
फैक्ट्री मालिकों द्वारा नदी में खुुुुलेआम अपशिष्ट पदार्थ डाला जा रहा है। प्रशासन जानकर भी अनजान बना हुआ है। प्रशासन द्वारा इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।