भीलवाड़ा

कोविड वार्ड के सामने हेल्प डेस्क में भीषण आग

मची अफरा-तफरी, अधिकारियों ने मौके पर पहुंच संभाली व्यवस्थामॉक ड्रिल- चक्रवाती तूफान को देखते हुए प्रशासन ने परखी व्यवस्थाएं- सीएमएचओ सबसे पहले पहुंचे, दमकल और डिस्कॉम अधिकारी भी आए
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Updated: 18 May 2021, 10:34 AM IST
कोविड वार्ड के सामने हेल्प डेस्क में भीषण आग
कोविड वार्ड के सामने हेल्प डेस्क में भीषण आग

भीलवाड़ा।
महात्मा गांधी अस्पताल परिसर में बने कोविड वार्ड के ठीक सामने हेल्प डेस्क में सोमवार शाम को भीषण आग लग गई। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। डरने की जरूरत नहीं। प्रशासन ने अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान ताऊ-ते को लेकर प्रदेश में किए गए अलर्ट को देखते हुए व्यवस्थाओं को परखने के लिए शाम को मॉक ड्रिल का आयोजन किया था। आग की सूचना पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दमकल व डिस्कॉम अधिकारी संसाधनों के साथ्ज्ञ मौके पर पहुंचे। एक बारगी वहां मौजूद लोग सहम गए। लेकिन मॉक ड्रिल का पता लगने पर सभी अधिकारियों और दमकलकर्मियों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार शाम पांच बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष को किसी ने सूचना दी कि एमजीएच के हेल्प डेस्क में भीषण आग लग गई। कोविड मरीजों की जान सांसत में आ गई है। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम अलर्ट हो गया। उच्चाधिकारियों को सूचना से अवगत कराया। दमकलकर्मियों और डिस्कॉम अधिकारियों के साथ चिकित्सा अधिकारियों को सूचित किया गया। जिला कलक्टर शिव प्रसाद एम नकाते, पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा वहां पहुंचे। सबसे पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मुस्ताक खान हेल्प डेस्क के बाहर पहुंचे। इस दौरान नगर परिषद से दमकल भी भी आ गई। चिकित्सा अधिकारी, एएसपी गजेन्द्रसिंह जोधा, उपखण्ड अधिकारी ओमप्रभा, पुलिस उपाधीक्षक भंवर रणधीरसिंह, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरूण गौड, भीमगंज थानाप्रभारी सुरेश चौधरी और डिस्कॉम अधिकारियों के साथ उनकी रेस्पांस टीम भी मौके पर पहुंची। सभी ने स्थिति को संभाला, लेकिन आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए की गई मॉक ड्रिल देखकर राहत की सांस ली।
जनरेटर की व्यवस्था से लेकर भर्ती मरीजों की शिफ्टिंग को परखना था
जिला कलक्टर नकाते ने कहा कि तूफान को लेकर मौसम विभाग व राज्य सरकार की ओर से जारी की गई चेतावनी के बाद आपातकालीन परिस्थितियों में बिजली तंत्र को जनरेटर से सुचारू करने, बिजली का वायर गिरने या शॉट-सर्किट से आग लगने पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मियों की व्यवस्था, मरीजों को शिफ्ट करने के लिए एम्बुलेंस कितने समय में उपलब्ध हो पाती है। इसके अलावा मरीजों को शिफ्ट करना है तो कहां शिफ्ट किया जाए, किस गेट से उनको बाहर निकाला जाएगा। इन सभी तैयारियों को लेकर मॉक ड्रिल की गई। मॉक ड्रिल में जो रेस्पांस टीम है, उनसे जुड़े सभी लोग मुस्तैदी के साथ मौके पर पहुंच गए। विस्तृत तरीके से मामले में अधिकारियों से चर्चा करके निर्देश दिए गए।

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