भीलवाड़ा

खेल बना आग का गोला! लावारिस पड़ी थैली में लगाई माचिस, बारूद में विस्फोट से दो भाईयों सहित झुलसे चार बच्चे

पालड़ी में राह में लावारिस हालात में थैली में मिले बारूद में खेल ही खेल में आग लगा देने से दो भाई समेत चार बालक झुलस गए
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fire in a gunpowder, four children scorched in bhilwara
fire in a gunpowder, four children scorched in bhilwara

भीलवाड़ा।

जिले के पालड़ी में राह में लावारिस हालात में थैली में मिले बारूद में खेल ही खेल में आग लगा देने से दो भाई समेत चार बालक झुलस गए। चारों को बाद में यहां महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। सभी के चेहरे करीब दस फीसदी झुलसे हैं। दूसरी और बालकों के झुलसने की जानकारी मिलने पर गांव में हड़कम्प मच गया। पुलिस भी बाद में अस्पताल व मौके पर पहुंची।

शहर से महज पांच किलोमीटर दूर पालड़ी गांव में उदयलाल भील के पुत्र किशन (14) व सूरज (9) अपने चचेरे भाई किशन (16) पुत्र लाला भील व देवकिशन (10) पुत्र गोपाल भील के साथ शुक्रवार दोपहर बकरियां चराने जंगल में गए हुए थे। यहां बकरियां चराने के दौरान उन्हें एक थैली में विस्फोटक सामग्री (बारूद) मिला। चारों थैली को लेकर तालाब के निकट पहुंचे और यहां खेल ही खेल में उत्सुकतावश माचिस की तिली से उसमें आग लगा दी। जैसे ही उसे जलाया उसमें से भभकी आग से चारों के मुंह झुलस गए। इस पर चारों चीखते-चिल्लाते बकरियों को छोड़कर एक किलोमीटर दूर स्थित घर पहुंचे और घटना की जानकारी परिजनों को दी। मौके पर भीड़ एकत्रित हो गई। परिजन चारों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और यहां बर्न वार्ड में भर्ती कराया।

घटना की जानकारी मिलने पर सदर थाना पुलिस के साथ ही पुलिस उपाधीक्षक पर्बत सिंह भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस टीम ने शाम को बालकों के पिता के साथ घटना स्थल का जायजा लिया और साक्ष्य जुटाएं। पुलिस का कहना है कि घटना स्थल पर जलने के निशान व जले बारूद के अवशेष मिले है जिनकी बदबू से पता चल रहा है कि वह बारूद ही था। पुलिस अब ये पता लगा रही है कि आतिशबाजी में प्रयुक्त होने वाला ये बारूद जंगल में कैसे पहुंचा। दूसरी तरफ चिकित्सकों ने बताया कि चारों की हालत में सुधार है।

Published on:
26 May 2018 12:17 pm
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