प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट व जहाजपुर विधायक धीरज गुर्जर के नाम की पट्टिका तोडऩे के बाद जिले में सियासत गरमा गई
भीलवाड़ा।
कोटड़ी के श्री चारभुजानाथ के मंदिर में नौ दिवसीय विष्णु महायज्ञ एवं स्वर्ण कलश स्थापना महोत्सव में लगी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट व जहाजपुर विधायक धीरज गुर्जर के नाम की पट्टिका तोडऩे के बाद जिले में सियासत गरमा गई है। सोशल मीडिया पर वार चल रहा है। दोनों ग्रुपों की ओर से शनिवार को मंदिर में अलग-अलग बैठक बुलाने का आह्वान किया गया है। उधर, ग्रामीणों ने भी मंदिर में गुर्जर समाज की बैठक के नाम पर वापस पत्थर लगाने की सूचना पर इसका विरोध किया दिया है। उन्होंने गांव में जगह-जगह सूचना चस्पा कर व्यापारियों से शनिवार को स्वैच्छिक रूप से कोटड़ी बंद का आह्वान किया है। हालांकि इसमें किसी का नाम नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर में किसी भी व्यक्ति विशेष के नाम का पत्थर नहीं लगाया जाएगा। शुक्रवार को दिनभर कस्बे में चारभुजा मंदिर के पत्थर को लेकर अटकलें लगती रही। विधायक धीरज समर्थकों के एक गुट की ओर से पत्थर वापस चारभुजा मंदिर में लगाने के लिए गुर्जर समाज की बैठक बुलाने पर जोर देने की चर्चा रहीं। दूसरी तरफ चर्चा है कि कस्बेवासी भी संगठित होकर किसी भी तरह पत्थर को नहीं लगाने देने पर एकमत होकर कस्बा बंद रखने पर अड़ गए है। इसमें गांव की ओर से भी बैठक बुलाई जा सकती है। इस स्थिति को देखते हुए शनिवार को कोटड़ी थाना पुलिस ने भी अलर्ट हो गई है। थाना प्रभारी भंवरसिंह गौड़ ने बताया कि स्वैच्छिक बंद की अपील की सूचना मिली है। इस कारण सभी पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
उधर, कई भाजपा नेता इसे कांग्रेस का कार्यक्रम बताकर प्रचारित कर रहे हैं। हालांकि कांग्रेस नेताओं की पट्टिका तोडऩे का यह फैसला गुर्जर समाज आम चौखला की बैठक में लिया गया था लेकिन मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर के भी बयान देने से मामला राजनीतिक हो गया है। कार्यक्रम में विधायक धीरज की अगुवाई होने से भाजपा के जनप्रतिनिधियों में भी नाराजगी है।