खतरनाक और जहरीले सांपों को पकड़ना देवकरण सातुर का बाएं हाथ का खेल है
अमरगढ़।
खतरनाक और जहरीले सांपों को पकड़ना देवकरण सातुर का बाएं हाथ का खेल है। वह पलक झपकते ही विषधारी नागों को काबू में कर लेता है। क्षेत्र में जहां कहीं भी सांप दिखे या घर में घुस जाए तो लोग उसे सांप को पकड़ने के लिए बुलाते हैं। गुरुवार रात को भी दलपुरा देवनारायण मंदिर में एक कोबरा मंदिर में घुस गया जिसे देवकरण ने पकड़कर जंगल में छोड़ा।
जानकारी के अनुसार क्षेत्र के दलपुरा के सुप्रसिद्ध देवनारायण मंदिर में गुरुवार रात एक कोबरा मंदिर में घुस गया। उस समय सातुरों की झोपड़ियां निवासी देवकरण सातुर वहां दर्शन करने आया हुआ था। लोगों ने इसकी जानकारी उसे दी। उसने पलक झपकते ही कोबरा को ऐसे पकड़ लिया जैसे कोई खिलौना हो। यह देख लोग आश्चर्य चकित रह गए। उस कोबरा को प्यार से पुचकारने के बाद उसने जंगल में छोड़ दिया।
घरों में सांप घुस जाने पर लोग बुलाते हैं
क्षेत्र में किसी के भी घर में सांप घुस जाने पर देवनारायण सातुर को बुलाते हैं। देवनारायण भी बिना कोई हिचकिचाहट के उसके साथ उसके साथ चल देता है। सांप पकड़ने के बदले वह लोगों से कुछ लेता नहीं है बल्कि धर्म स्थल पर चुग्गा डालने की कह देता है।
खिलौने की तरह पकड़ता है जहरीले सांप
सांप का नाम सुनते ही जहां हमारे शरीर में सिहरन दौड़ जाती है वहीं देवकरण सांपों को इस तरह पकड़ता है जैसे वे कोई खिलौना हो। उसे देख लोग उसकी हौसला अफजाई करते हैं। बिना किसी डंडे व सहायता से चंद सैकंड में ही सांपों को काबू कर लेता है।