
भीलवाड़ा ।
एक दर्जन से अधिक फर्जी कम्पनियां शुरू कर करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी का खेल खेलने के लिए गौरव जैन ने अपना नाम तक बदलकर विराट के नाम दस्तावेज बना लिए। उसने नए नामों से आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र आदि बनवा लिए। अब तक की जांच में ४३.५० करोड़ रुपए से अधिक की टैक्स चोरी सामने आई है। हालांकि सजा से बचने के लिए उसने करीब १७.३२ करोड़ की इनपुट टैक्स क्रेडिट को पुन: रिवर्स कर दिया है।
ई-वे-बिल में जो ट्रक नम्बर दिए गए हैं, वे दुपहिया वाहनों के हैं। इधर, गिरफ्तारी के दूसरे दिन बुधवार को गौरव को जोधपुर के आर्थिक अपराध न्यायालय में पेश किया गया। उसके वकील ने जमानत की अर्जी पेश की। लम्बी बहस के बाद न्यायाधीश ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
बयान देने आया, कर लिया गिरफ्तार
सीजीएसटी विभाग की ओर से चार-पांच बार समन जारी करने के बाद गौरव मंगलवार को बयान देने भीलवाड़ा कार्यालय पहुंचा था। पूछताछ के बाद सीजीएसटी अपवंचना दीपक पंजाबी ने जीएसटी की धारा १३२-१ (बी) में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे आर्थिक अपराध न्यायालय जोधपुर में पेश किया, जहां से २६ मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब विभाग को दो माह में न्यायालय में चालान पेश करना होगा।