भीलवाड़ा

नाम से नहीं काम से महान थे सौभाग्य मुनि

जैन संतो ने सौभाग्य मुनि को दी श्रद्धांजलि

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Sep 30, 2020
Good luck was great by work, not by name in bhilwara

भीलवाड़ा।
नाम से नहीं काम से महान थे सौभाग्य मुनि। श्रमण संघ में ही नहीं सम्पूर्ण साधु समाज में क्षति हुई है। उसे निकट भविष्य में क्षतिपूर्ति हो पाना असंभव होगा। अहिंसा भवन शास्त्रीनगर में प्रवर्तक सुकन मुनि ने अखिल भारतीय जैन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पारस मोदी के नेतृत्व तथा आचार्य सम्राट शिवमुनि, युवाचार्य महेन्द्र ऋषि के सानिध्य में श्रमणसंघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि के देवलोकगमन पर आयोजित गुणाअनुवाद सभा को सम्बोधित करते हुए थे संघ अध्यक्ष अशोक पोखरणा ने बताया की ऑनलाइन झुम एप पर सभा में आचार्य शिवमुनि युवाचार्य महेन्द्र ऋषि ने कहा की आज सौभाग्य मुनि हमारे बीच नहीं है पर उन्होने जो कार्य किए वह संघ तथा देश संतो व समाज के लिए अभूतपूर्व है। उन्हें सदा के लिए याद किए जाएंगे। साथ ही उनके योगदान का संत समाज हमेशा ऋणी रहेगा। संघ में पड़े अधुरे कार्यो को पूरा करना भक्तों तथा संतो का फर्ज है। वही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मीडिया प्रभारी सुनिल चपलोत ने बताया संत अम्बेश व सौभाग्य के शिष्य मेवाड़ प्रवर्तक मदन मुनि, युवा मनीष कोमल मुनि तथा उपप्रवर्तनी विजयप्रभा ने सौभाग्य गुरू के गुणागान कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उपाध्याय, प्रवर्तक, राष्ट्र संतों के अलावा देशभर से सैकड़ो संतों व साध्वी मंडलों ने सौभाग्य मुनि के गुणागान किए। जैन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पारस मोदी, महामंत्री शशिकांत कर्नावट, सुनिल सांखला, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश चौरडिय़ा, महिला जैन कॉन्फ्रेंस की राष्ट्रीय अध्यक्षा विमल सुर्दशन बापना आदि ने मुनि सौभाग्य के गुणगान कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
सामूहिक नवकार मंत्र का जापकर दी श्रद्धांजलि
राजस्थान प्रवर्तनी साध्वी यश कवर की स्मृति में श्रमण संघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि के देवलोक गमन होने पर शांति भवन में नवकार महामंत्र का जाप कर श्रद्धांजलि सभी आयोजित की गई। संघ अध्यक्ष राजेंद्र चिपड ने बताया कि मैना कंवर के सानिध्य में नवकार मंत्र का जाप हुआ। मंत्री सुरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि साध्वी मैना कंवर व साध्वी पुष्पा ने कहा कि जो आया है वह जाएगा, शरीर नश्वर है, आत्मा अमर है। साध्वी ज्योति प्रभा ने कहा कि गुरुदेव के जाने से श्रमण संघ में ही नहीं अपितु संपूर्ण जैन समाज को क्षति हुई है। शांति जैन महिला मंडल के मंत्री कनकावती चंडालिया ने बताया कि गुरुदेव का 2 वर्ष पूर्व चातुर्मास था। उस दौरान नारी सशक्तिकरण के लिए साध्वी मंडल को शिक्षा दी। मंडल की संरक्षिका इंदिरा बाफना, चातुर्मास संयोजक नवरत्नमल बंब, मनोहर लाल सूर्या, गोपाल लोढ़ा, चांदमल सूर्या, बसंता डांगी ने श्रद्धांजलि के रूप में अपने भावों की अभिव्यक्ति दी। मीडिया प्रभारी मनीष बंब व मंडल के सह मंत्री गोपाल लोढ़ा ने बताया कि गुरुदेव को सच्ची श्रद्धांजलि सही मायने में तभी होगी जब हम गुरुदेव के बताए हुए आदर्शों एवं पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लें।

Published on:
30 Sept 2020 11:07 pm
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