भीलवाड़ा

डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे सरकारी अस्पताल

एमजीएच में 53 व जिले में 102 डॉक्टरों की कमी

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Jul 01, 2021
डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे सरकारी अस्पताल

भीलवाड़ा।
कोरोना की दूसरी लहर में लड़खड़ाए चिकित्सा बंदोबस्त अभी भी जेहन में है। हालांकि कोरोना काल में बदइंतजामी के बावजूद सरकार ने कोई सबक नहीं सीखा। चिकित्साकर्मियों की कमी बरकरार है। जिले में डॉक्टरों के कुल ४५४ पद स्वीकृत है। इसमें १५५ पद खाली है। एमजीएच तो अन्य कार्मिकों की कमी भी झेल रहा है। हालांकि चिकित्सा प्रबन्धन ने संविदा पर कुछ कर्मचारी रखे हैं। ये कम मानदेय के कारण इतना आउटपुट नहीं दे पाते जितनी जरूरत होती है।
प्राचार्य को डॉक्टर लेने की अनुमति है लेकिन यूटीबी (अर्जेन्ट टेम्प्रेरी बेस) के आधार पर अन्य कार्मिक नहीं ले सकते। यानी प्राचार्य असिस्टेंट प्रोफसर, सीनियर व जूनियर रेजिडेंट, सीनियर डेमोस्ट्रेटर पद पर एमसीआई के नियम से ही यूटीबी पर ले सकते हैं। हालांकि अन्य पदों पर केवल संविदा पर ही ले सकते हैं। इनके यूटीबी के आधार पर लेने की स्वीकृति नहीं है। यानी बडे़ पद वालों को तो प्राचार्य ले सकते हैं, लेकिन छोटे पद पर कार्मिकों के लिए सरकार से स्वीकृति नहीं है। यूटीबी में नर्सिंग स्टाफ- २६,५०० में आता है। ठेके पर उसे ८ हजार रुपए मिलते हैं, इसी प्रकार लैब टेक्नीशियन को यूटीबी में १८,५०० रुपए मिलते हैं, जबकि ठेके पर केवल ७ हजार रुपए दिए जाते हैं।
१००० पर चाहिए एक डॉक्टर
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार एक हजार लोगों पर कम से कम एक चिकित्सक जरूरी है। जिले की आबादी २९ लाख है। उस आधार पर २९०० डॉक्टर चाहिए। जिले में कुल मिलाकर सरकारी व निजी चिकित्सालय में एक हजार डॉक्टर भी नहीं है। सरकार का कहना है कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी डॉक्टर भी हैं।
विशेषज्ञों की भारी कमी
जिले में सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है। जिले में मात्र २९९ चिकित्सक है। इनमें सर्जन, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग, ईएनटी आदि में डॉक्टरों की ज्यादा कमी है। जितने विशेषज्ञों की जरूरत है, उतने पद भी स्वीकृत नहीं हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार विशेषज्ञ के कुल ४५४ पद हैं। इसकी तुलना में सिर्फ २९९ चिकित्सक कार्यरत हैं। यानी १५५ पद आधिकारिक रूप से खाली हैं। इस प्रकार अपेक्षित चिकित्सकों के आंकड़े से तुलना करने पर पता चलता है कि चिकित्सक और जनसंख्या के मानक के अनुसार बड़ी संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत है।
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एमजीएच व जिले के सरकारी अस्पतालों के हाल
पद- स्वीकृत- कार्यरत- रिक्त
वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ- १५ १४ १
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी- ४ ४ ०
कनिष्ट विशेषज्ञ- २७ २४ ३
चिकित्सा अधिकारी- ६६ १७ ४९
सीएचसी-पीएचएसी- ३४१ २३९ १०२
कुल पद- ४५४ २९९ १५५
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स्वास्थ्य सुविधा की स्थिति
०१ जिला अस्पताल
०१ सैटेलाइट अस्पताल
२५ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी)
८७ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी)
०९ शहर की डिस्पेंसरियां
०१ नगरीय परिवार कल्याण केन्द्र
०१ मातृ शिशु कल्याण केन्द्र
१६ पोस्टमार्टम सेन्टर
५३४ उपस्वास्थ्य केन्द्र
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सरकार को लिखा पत्र
जिले में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। कोरोना के दौरान कई डॉक्टर मिले हैं। जो रिक्त पद हैं उन्हें जल्द ही भरा जाएगा। इसके लिए सरकार को भी पत्र लिखा है।
डॉ. मुस्ताक खान, सीएमएचओ

Published on:
01 Jul 2021 09:39 am
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