- शहर में धड़ल्ले से दौड़ रहे बजरी से भरे ट्रैक्टर
अवैध खनन व परिवहन की रोकथाम को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सख्त रवैया अपना रहे। इसके लिए प्रदेश के हर जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा, लेकिन सरकारी कारिंदे अभियान का बट्टा लगा रहे है। माफिया सरकारी सिस्टम पर हावी हैं। रात के अंधेरे में बनास नदी से बजरी निकाल कर पहले अपने खेत, बाड़े या चारदीवारी व अन्य स्थान पर स्टॉक कर उसे दिन के उजाले में ट्रैक्टर ट्रॉली से सप्लाई कर रहे हैं।अफसर आंखें मूंदे बैठे हैं।
ऐसा ही नजारा शनिवार को राजस्थान पत्रिका की पड़ताल में नजर आया। पत्रिका टीम ने सुबह शहर से लेकर हरणी महादेव मार्ग पर नजर रखी तो हालात चौकाने वाले थे। माफिया बेखौफ होकर ट्रैक्टर ट्रॉली में ओवरलोड बजरी भरकर सरपट दौड़ाते रहे। हलेड़ मार्ग पर तो टीम देखकर एक चालक बजरी से भरे ट्रैक्टर को पुन: मोड़कर भाग निकला। दांथल रोड पर टायर पंचर होने से चालक ट्रॉली को वहीं छोड़कर चला गया। शहर के सर्किट हाउस के निकट निर्माण स्थल पर बजरी से भरी ट्रॉली खाली होने आई। टीम को देख एक बार भाग गया। कुछ देर बाद बजरी खाली कर गया। बनास और कोठारी नदी से अंधाधुंध बजरी दोहन हो रहा है। पुलिस, खनिज, राजस्व विभाग के अधिकारी माफिया के साथ गठजोड़ के कारण कार्रवाई नहीं कर रहे। रायपुर-सहाड़ा व मांडल विधानसभा क्षेत्र में हो रहे अवैध बजरी के दोहन को लेकर विधायक लादूलाल पितलिया व उदयलाल भंडाणा गत दिनों जिला परिषद की बैठक में मुद्दा उठा चुके हैं। उधर, सिंथेटिक्स विविंग मिल्स एसोसिएशन अध्यक्ष संजय पेडिवाल ने शनिवार को बजरी की लीज शुरू कर दी। गुलाबपुरा क्षेत्र में लीज में पहली पर्यावरण स्वीकृति (ईसी) जारी हुई।